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टैक्स एलर्ट: सोना खरीदने और बेचने पर जानें टैक्स नियम

जानिये सोना खरीदने और बेचने पर टैक्स चुकाना कितना फायदेमंद

भारत देश में सोने के निवेश को घर की पूंजी माना जाता है| सोने खरीदने का कोई भी मौक़ा नहीं छोड़ते हैं| फिर दिपावली हो, या राखी हो, साल भर के हर त्योहारों में लोग सोने में निवेश करते हैं| सोने की खरीदी शादी-ब्याह और रिटायरमेंट के वक्त बहुत सहायक रहता है|लेकिन बहोत से लोग खरीदी की जल्दबाजी में टैक्स भुगतान और जरूरियात कागजों की कोई कार्यवाही नहीं करते हैं| हालांकि सोने से जुड़े टैक्स के नियमों से भी अनजान होते हैं| बता दें, सोने को खरीदने और बेचने दोनों प्रक्रियाओं में टैक्स लगता है|

सोना खरीदने और बेचने पर टैक्स चुकाना कितना फायदेमंद

सोने में निवेश करने पर आप कितने समय के लिए खरीद रहें हैं उस पर टैक्स की दर निर्भर करती हैं| जिसमें दो प्रकार के गैंस शामिल हैं| शॉर्ट टर्म कैपिटल गेंस और लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस, इनके आधार पर टैक्स का भुगतान करना आवश्यक है| जीएसटी लागू होने के बाद सोना खरीदते वक्त ग्राहक को सोने की वैल्यू पर 3 फीसदी टैक्स का भुगतान करना अनिवार्य है| इस टैक्स में मेकिंग चार्ज भी शामिल होता है|

शॉर्ट टर्म कैपिटल गेंस

कोई भी व्यक्ति जब भी सोने में निवेश करने का विचार करता है तभी निवेशक खरीदने के 36 महीने के अंदर सोने को बेचते हैं तो इससे होने वाले मुनाफे पर शॉर्ट टर्म कैपिटल गेंस (STCG) के मुताबिक़ टैक्स भरना पड़ता है| इस गेंस को कुल आय में जोड़ा जाता है| जिसके अंतर्गत लागू होने वाले इनकम टैक्स स्लैब के तहत टैक्स का भुगतान शामिल होता है|

लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस

इस गेंस के अंतर्गत निवेशक सोना खरीदने के 36 महीने के बाद सोना बेचते हैं तो उस पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस (LTCG)के हिसाब से टैक्स देना लगता है| वित्त वर्ष 2017-18 तक गेंस पर इंडेक्सेशन लागू करने के बाद एलटीसीजी की दर 20.6 फीसदी थी| वित्त वर्ष 2018-19 के दौरान से यह दर 20.8 फीसदी हो गई| इस तरह एलटीसीजी की दर 3 फीसदी से बढ़कर 4 फीसदी हो गया है|

टैक्स भुगतान के विकल्प

सोना खरीदते वक्त टैक्स का भुगतान दो तरीकों से किया जा सकता है| पहला विकल्प कैश पेमेंट कर सकते हैं| और दूसरा विकल्प है, ऑनलाइन पेमेंट किया जा सकता है|जिसमें डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड और इंटरनेट बैंकिंग शामिल हैं| पेमेंट के दौरान आप विक्रेता से सोने के आभूषण या सिक्कों, किसी भी चीज की खरीदी पर सर्टिफिकेट लेना अनिवार्य है| जिससे कि आपकी खरीदी पर सुरक्षा बनी रहे| टैक्स का भुगतान करने से खरीदारी पर सुरक्षा बनी रहती है| भविष्य में बेचने या खरिदने पर किसी भी तरह की तकलीफों से बचा जा सकेगा|