Arthgyani
होम > न्यूज > इस्पात निर्यात

स्टील निर्यात के अवसर तलाशेगा भारत

जिंदल स्टेनलेस लिमिटेड की कुल आय 3,170 करोड़

ताजा वैश्विक मंदी के बीच भारत निर्यात को बढ़ावा देकर अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूती देना चाहता है|पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस व इस्पात मंत्री धर्मेद्र प्रधान के यूएई दौरे को इसी सन्दर्भ में देखा जा रहा है| वे संयुक्त अरब अमीरात के अपने तीन दिवसीय दौरे पर इस सन्दर्भ में संभावनाएं तलाश करेंगे|इस बीच  जिंदल स्टेनलेस लिमिटेड (जेएसएल) की चालू वित्तवर्ष की दूसरी तिमाही में निवल आय 3,170 करोड़ रुपये रही|जिसमे  कंपनी का कुल मुनाफा 52 करोड़ रुपये रहा। कंपनी ने सोमवार को एक बयान में कहा कि वित्तवर्ष 2019-20 की दूसरी तिमाही में जेएसएल की बिक्री पिछले साल की समीक्षाधीन अवधि के मुकाबले 13 फीसदी की वृद्धि के साथ बढ़कर 2,33,328 टन रही।समीक्षाधीन तिमाही में कंपनी का एबिट्डा 317 करोड़ रुपये रहा|

बता दें पिछली तिमाही के मुकाबले कंपनी का एबिट्डा और आय तकरीबन सामान रही। चालू वित्तवर्ष की  दूसरी तिमाही में कंपनी का निवल मुनाफा 52 करोड़ रुपये रहा|जबकि वित्तवर्ष 2018-19 की दूसरी तिमाही में कंपनी को 36 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था।जेएसएल के अनुसार 30 सितंबर, 2019 को समाप्त हुई तिमाही के दौरान पिछले साल के मुकाबले शुद्ध ब्याज में 14 करोड़ रुपये की गिरावट रही। विशिष्ट लाभ सात करोड़ रुपये दर्ज हुआ, जबकि पिछले वित्तवर्ष की इसी तिमाही में 53 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था।कंपनी का छमाही स्तर पर कर पश्चात मुनाफा 119 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछली छमाही में 54 करोड़ रुपये था। वित्तवर्ष 2019-20 की पहली छमाही में 181 करोड़ रुपये के ऋण का भुगतान के बाद, 30 सितंबर, 2019 तक कंपनी का कुल शुद्ध ऋण 3,827 करोड़ रुपये था।

क्या है EBITDA?   

दरअसल एबीटडा विधि से किसी कंपनी द्वारा कमाए कुल लाभ में से जब इन भुगतानों को कम कर देते हैं तो कम्पनी द्वारा अर्जित वास्तविक लाभ निकलता है| एबिटडा ( EBITDA ) अंग्रेजी वर्णमाला के 6 शब्दों के पहले अक्षरों से बना है| जिसमे हर अक्षर एक संकेत है जो क्रमानुसार अग्रलिखित है| Earnings ( आय ), Before ( पहले ), Interest (ब्याज), Taxes ( कर), Depreciation ( अवमूल्यन) एवं Amortization (नुकसान)|जिसका  अर्थ है कमाई से पहले व्याज, टैक्सेस, संपत्ति के अवमूल्यन और नुकसान के वैल्यू को कम कर देने से यह एबिटडा वैल्यू मिल जाती है|इस विधि का प्रचलित उपयोग किसी कंपनी की खरीददारी और विलयन के समय उसके वर्तमान आर्थिक स्थिति के आंकलन के लिए किया जाता है|

स्टील निर्यात के अवसर तलाशेंगे इस्पात मंत्री

निर्यात किसी भी अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने का बड़ा अवयव है| पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस व इस्पात मंत्री धर्मेद्र प्रधान संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के अपने तीन दिवसीय दौरे के दौरान स्टील निर्यात को बढ़ावा देने की कोशिश करेंगे|वे दोनों देशों के द्विपक्षीय मसलों पर बातचीत के साथ-साथ मध्यपूर्व के देशों में स्टील निर्यात करने के अवसरों की तलाश करेंगे|अपने समकक्ष व यूएई (UAE) के ऊर्जा व उद्योग मंत्री सुहैल मोहम्मद फराज अल मजरूई और राज्यमंत्री डॉ. सुल्तान अहमद अल जबर से मुलाकात के दौरान वे हाइड्रोकार्बन (Hydrocarbon) और स्टील सेक्टर में द्विपक्षीय मसलों पर बातचीत करेंगे|यह बातचीत भारत और यूएई की रणनीतिक साझेदारी नीतियों के अनुरूप होगी|