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सड़क परियोजना मे निवेश करने वाली सॉवरेन को 100% कर की छूट

सड़क परियोजना निवेश मे 100% की छूट

बजट में एनएचएआइ को बढ़ते कर्ज से छुटकारा दिलाने के लिए बड़ी सड़क परियोजनाओं में निवेश करने वाले विदेशी सॉवरेन फंडों को करों से पूर्ण राहत देने का प्रस्ताव किया गया है। ये फंड एनएचएआइ द्वारा स्थापित विशेष प्रयोजन कंपनी और नेशनल इंवेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड के माध्यम से सड़क परियोजनाओं में निवेश कर सकेंगे।

एनएचएआइ पर इस समय लगभग 2.22 लाख करोड़ रुपये का कर्ज है। चालू वित्तीय वर्ष के दौरान प्रस्तावित 75 हजार करोड़ रुपये के कर्जो को मिलाकर इसके बढ़कर 2.77 लाख करोड़ रुपये हो जाने की आशंका है।सरकार इसे लेकर चिंतित है और इस पर अंकुश लगाने का प्रयास कर रही है। इसके लिए सरकार एनएचएआइ को तैयार सड़क परियोजनाओं के टोल (टीओटी) ठेके उठाकर एकमुश्त धनराशि जुटाने की छूट दे चुकी है।

लेकिन उसमें दिक्कत आ रही है और कंपनियां टीओटी ठेकों के प्रति विशेष उत्साह नहीं दिखा रही हैं। इसे देखते हुए सरकार ने एनएचएआइ को टोल ठेकों की कंसेशन अवधि को 15 से 30 वर्ष के बीच किसी भी अवधि का निर्धारित कर एक ही प्रोजेक्ट के कई टोल कांट्रैक्ट पैकेज बनाने तथा इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट बनाने की अनुमति दी है। जिसके लिए एनएचएआइ एक विशेष प्रयोजन कंपनी एसपीवी बनाएगी। बजट में इसका उल्लेख किया गया है।

3 साल तक कर मे 100% छूट

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में कहा कि, ‘प्राथमिक क्षेत्रों में विदेशी सरकारों के सॉवरेन वेल्थ फंडों को प्रोत्साहन देने के लिए मैं उन्हें इंफ्रास्ट्रक्चर तथा अधिसूचित क्षेत्रों में 31 मार्च, 2024 से पहले तथा न्यूनतम 3 वर्ष के लॉक-इन पीरियड के साथ ब्याज, लाभांश तथा कैपिटल गेंस से होने वाली आय को कर से 100 फीसद कर छूट देने का प्रस्ताव करती हूं।

बड़ी सड़क परियोजनाओं के लिए धन जुटाने के क्रम में एसपीवी बनाने के लिए एनएचएआइ ने जुलाई, 2019 में नेशनल इंवेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (एनआइआइएफ) के साथ एक समझौता किया था। एसपीवी एनआइआइएफ को सॉवरेन फंडों के साथ मिलकर एनएचएआइ की मेगा सड़क परियोजनाओं में निवेश करने अधिकार देगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि सॉवरेन फंडों को इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में निवेश पर शत-प्रतिशत कर छूट मिलने से ये फंड सड़क परियोजनाओं में बड़े पैमाने पर निवेश के लिए आगे आएंगे। एनएचएआइ अब तक चार टीओटी ठेके ऑफर कर चुका हैं।