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हाइड्रो इलेक्ट्रिसिटी के उत्पादन में हुई 16% की दर से वृद्धि

पिछले पांच सालों में से इस वर्ष की वृद्धि दर सबसे अधिक है|

देश के हाइड्रो इलेक्ट्रिसिटी (Hydroelectricity) के उत्पादन में चालू वित्त वर्ष में 16 प्रतिशत की दर से वृद्धि दर्ज हुई है| जो कि करीब 96 अरब यूनिट रहा है| बिजली मंत्री आर के सिंह ने बताया कि भारत देश में हाइड्रो इलेक्ट्रिसिटी के क्षेत्र में पिछले पांच सालों में से इस वर्ष की वृद्धि दर सबसे अधिक है| देश में कुल बिजली उत्पादन वर्ष 2019 के जून समाप्त तिमाही में 7.4 प्रतिशत वृद्धि दर थी| और जुलाई महीने में 6.7 प्रतिशत बिजली उत्पादन बढ़ा है। कुल बिजली उत्पादन में कोयला और दूसरे खनिज ईंधनों के अलावा वैकल्पिक स्रोतों से बिजली उत्पादन में हिस्सेदारी बढ़ी है।

चालू वर्ष 2019 के अप्रैल-अक्टूबर माह में 1.2% वृद्धि 

एजेंसी की खबर के मुताबिक चालू वर्ष 2019 के अप्रैल-अक्टूबर माह के दौरान बिजली उत्पादन में 1.2 प्रतिशत की वृद्धि रही है। इस महीने नवंबर में सौर बिजली उत्पादन बढ़ा है और पनबिजली के उत्पादन में भी वृद्धि हुई। वहीं अक्टूबर में बिजली उत्पादन करीब 13 प्रतिशत घटा भी था। लेकिन यह कमी सिर्फ पंरपरागत स्रोतों से होने वाली उत्पादित बिजली में देखा गया। देश में अप्रैल-अक्टूबर के दौरान कुल बिजली उत्पादन में नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों की हिस्सेदारी 27.25 प्रतिशत है।

हाइड्रो इलेक्ट्रिसिटी नवीकरण स्त्रोत 

हाइड्रो इलेक्ट्रिसिटी ऊर्जा का एक नवीकरण योग्य स्रोत है जो कि दुर्लभ ईंधन संसाधनों की रक्षा करता है। यह प्रदूषण रहित है इसलिए पर्यावरण के भी अनुकूल है| जल विद्युत में ऊर्जा के अन्य स्रोतों की तुलना में उत्पादन, प्रचालन तथा अनुरक्षण की लागत कम है। भण्डारण आधारित जल विद्युत योजनाएं अक्सर सिंचाई, बाढ़ नियंत्रण, पेयजल आपूर्ति, नौवहन, मनोरंजन, पर्यटन, मत्स्य पालन आदि हेतु के लिए सहायक होती है|