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होम बायर्स की मुश्किलें बढ़ी, फंड न मिलने पर NBCC का बैकअप

NBCC और होम बायर्स दोनों 750 करोड़ रुपये के फंड पर निर्देश का इंतजार कर रहे हैं।

जेपी इंफ्राटेक को एक्वायर करने के लिए चयनित कंपनी राष्ट्रीय भवन निर्माण निगम (NBCC) ने जयप्रकाश एसोसिएट्स का 750 करोड़ रुपये का फंड न मिलने की स्थिति में पीछे हटने का मन बना लिया है ।

विदित हो कि कर्ज़ में डूबे जेपी इंफ्राटेक के आधार में लटके प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिये नैशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन (NBCC) लिमिटेड को चुना गया था। जेपी इंफ्राटेक के क्रेडिटर्स की कमेटी (CoC) ने 18 दिसंबर को कंपनी को एक्वायर करने के लिए NBCC को चुना था क्योंकि बायर्स और बैंकों की एकजुटता की वजह से एनबीसीसी को कंस्ट्रक्शन कंपनी के तौर पर चुनने के लिए सबसे ज्यादा वोट मिले थे। बता दें कि जेपी इंफ्राटेक के प्रॉजेक्ट में 22 हजार होम बायर्स फंसे हुए हैं। 2014 से इन बायर्स का संघर्ष जारी है। पिछले 5 सालों में लोग कई बार सड़क पर उतरकर प्रदर्शन कर चुके हैं।

जयप्रकाश एसोसिएट्स ने सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री के पास रकम जमा कराई थी और बाद में उसे नेशनल कंपनी लॉ ट्राइब्यूनल (NCLT) को ट्रांसफर कर दिया गया था। NBCC ने अपने रिजॉल्यूशन प्लान में एक शर्त रखी थी कि अगर उसे 750 करोड़ रुपये की रकम ब्याज के साथ नहीं मिलती तो उसके पास इस प्रोसेस से बाहर निकलने का अधिकार होगा।

समाचार एजेंसी भाषा से मिली ख़बरों के अनुसार NBCC के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘हमने बाहर निकलने की शर्त रखी थी, लेकिन अगर NCLT हमें यह रकम देने से इनकार करती है तो हम अपीलेट अथॉरिटी और सुप्रीम कोर्ट तक भी जाएंगे।’

नैशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन में बुधवार को  रिजॉल्यूशन प्लान पर सुनवाई शुरू हुई। NBCC और होम बायर्स दोनों 750 करोड़ रुपये के फंड पर निर्देश का इंतजार कर रहे हैं। नैशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन के अधिकारी ने कहा, ‘हमें उम्मीद है कि इससे कंस्ट्रक्शन में देरी नहीं होगी। हालांकि, अगर मामला अपीलेट अथॉरिटी के पास नहीं जाता तो हम होम बायर्स के हितों के लिए जल्द सुनवाई का निवेदन करेंगे।’

जेपी इंफ्राटेक के रुके हुए प्रोजेक्ट्स का कंस्ट्रक्शन अगले छह महीनों में शुरू होने की उम्मीद है। कंपनी के इंटरिम रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल (IRP) की ओर से NCLT और सुप्रीम कोर्ट को सूचना देने के 45 दिनों के अंदर ट्राइब्यूनल से NBCC को कंपनी के टेकओवर की अनुमति मिल सकती है।

मुख्य बिंदु

  • NBCC ने फंड जुटाने, कंस्ट्रक्शन के लिए तैयारी करने और अन्य औपचारिकताओं के लिए तीन महीने का समय मांगा है।
  • जेपी ने बैंक के 526 करोड़ रुपये के लोन पर डिफॉल्ट किया था। कंपनी पर IDBI बैंक की अगुवाई वाले कंसोर्शियम के 9,800 करोड़ रुपये बकाया हैं।
  • बैंकों और फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस के वकीलों ने NBCC से रिजॉल्यूशन प्लान से बाहर निकलने की शर्त को हटाने का निवेदन किया है।
  • NBCC का कहना है कि अगर NCLT उसे यह रकम नहीं देगी तो वह अपीलेट अथॉरिटी और सुप्रीम कोर्ट तक जाएगी।