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ख़तरे के बादलों पर उड़ान भर रही है एयर इंडिया

एयर इंडिया पर करीब 60,000 करोड़ रुपये का कर्ज है।

फिलहाल एयर इंडिया ख़तरे के बादलों पर उड़ान भर रही है। जी हाँ इकोनॉमिक टाइम्स के अनुसार एयर इंडिया के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि खरीदार नहीं मिला तो अगले साल जून तक एयर इंडिया बंद हो सकती है। ज्ञात हो कि काफी पहले  एयर इंडिया के निजीकरण का फैसला हुआ था मगर अब तक कोई खरीदार नही मिला है।

एयर इंडिया की दुखद स्थिति का इजहार करते हुए अधिकारी ने कहा कि अगर अगले साल जून – जुलाई तक कोई खरीदार नहीं मिलता है तो इस एयरलाइंस का हश्र बुरा हो सकता है। सरकार एयर इंडिया के निजीकरण का फैसला ले चुकी है।

कर्ज के बोझ तले एयर इंडिया

एयर इंडिया पर करीब 60,000 करोड़ रुपये का कर्ज है जिसे कम करने के लिए सरकार एयर इंडिया एयरलाइंस में हिस्सेदारी बेचने के लिए उपाय तलाश रही है। सरकार  वित्त वर्ष 2011-12 से इस दिसंबर तक एयर इंडिया को 30,520.21 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद कर चुकी है। यूपीए सरकार ने 2012 में एयर इंडिया की हालत में सुधार के लिए एक प्लान मंजूर किया था। इसके तहत इस कंपनी को 10 साल की अवधि में 30,000 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता देने का प्रावधान था परन्तु अब सरकार कर्ज के बोझ से दबी एयर इंडिया को और अधिक आर्थिक मदद नहीं देना चाहती।

सेवाएँ हुई मुश्किल

अपनी बातों को विस्तार देते हुए एयर इंडिया के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अलग-अलग उपायों के सहारे एयरलाइंस को लंबे समय तक नहीं चलाया जा सकता। फिलहाल अलग-अलग उपायों के जरिए एयर इंडिया की सेवाएं जारी हैं।

उन्होंने कहा,  हमने एयर इंडिया के कामकाज के लिए फंड जुटाने के वास्ते 2,400 करोड़ रुपये की सॉवरेन गारंटी मांगी थी। लेकिन सरकार ने सिर्फ 500 रुपये की गारंटी दी है। उन्होंने कहा कि फिलहाल हम किसी तरह कामकाज जारी रख रहे हैं लेकिन इन हालातों में हम ज्यादा से ज्यादा जून ही तक कामकाज जारी रख पाएंगे।