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ख़त्म हो सकते हैं तीन बड़े टैक्स

बाजार और निवेशकों को होगा लाभ

शेयर बाजार में पैसा लगाने वालों को जल्द तीन बड़े टैक्स से छुटकारा मिल सकता है|मोदी सरकार शेयर बाजार में निवेशकों को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा फैसला लेने वाली है|वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आने वाले हफ्तों में शेयर बाजार में निवेश पर टैक्स छूट के लाभ की घोषणा कर सकती हैं | इन टैक्सों के खत्म होने का सीधा लाभ निवेशकों को मिलेगा|इसके अतिरिक्त लंबे समय से इंतजार कर रहे विदेशी निवेशकों को भी बड़ी राहत मिलेगी|सरकार  विदेशी करेंसी को आकर्षित करने और निवेश बढ़ाने के लिए ये कदम उठा रही है|

बता दें कि सरकार  तीन बड़े टैक्स सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (STT), लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स (LTCG) और डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन टैक्स (DDT) को खत्म करने की तैयारी में है|शेयर बाजार में अभी लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन  टैक्स, सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स  और डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन टैक्स  लगता है | सूत्रों के मुताबिक, पीएम ऑफिस फिलहाल नीति आयोग और फाइनेंस मिनिस्टर के रेवेन्यू डिपार्टमेंट के अधिकारियों के साथ टैक्स की समीक्षा कर रहे हैं |

सरकार विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने पर फोकस कर रही है | पिछले तीन महीने में सीतारमण ने इकोनॉमी में तेजी लाने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं | भारतीय अर्थव्यवस्था सुस्ती से जूझ रही है जिसे खत्म करने के लिए सरकार एक के बाद एक बड़े फैसले कर रही है|

बाजार और निवेशकों को होगा लाभ:

बाजार के जानकारों के मुताबिक इन तीनों तीनों करों के खात्मे के बाद सेंसेक्स और  निफ्टी नयी ऊंचाई को  छूते नजर आयेंगे| सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स  के खात्मे के बाद निवेशक  शेयर खरीदने और बेचने पर ज्यादा मुनाफा पायेंगे|ज्यादा पैसा बनाने पर भी टैक्स नहीं देना होगा|इसका लाभ म्यूचुअल फंड निवेशकों को भी मिलेगा|इस फैसले से शेयर बाजार में आयी तेजी के कारण एसआइपी और अन्य तरीकों से लगे पैसे पर भी ज्यादा रिटर्न मिलेगा|

क्या हैं ये कर?

प्रतिभूति लेनदेन कर (Securities Transaction Tax (STT)): वह कर है, जो प्रतिभूति के लेनदेन पर लागू होता है। इसे ‘आवर्त कर’ भी  कहा जाता है।ये प्रत्यक्ष (डायरेक्ट टैक्स) कर है। कैपिटल गेन टैक्स (Capital Gain Tax ) से बचने के लिए बहुत से लोग शेयर की बिक्री पर अपने मुनाफे की घोषणा नहीं करते, क्योंकि सरकार केवल उन करों का लाभ ले सकती थी जिनकी घोषणा की गयी हो, इसलिए लोग अपने लाभ की घोषणा न कर, कैपिटल गेन टैक्स (Capital Gain Tax ) को चुरा ले जाते थे।अतः 2004 में सरकार ने ये कर लागू किया था|

लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स (LTCG): लंबी अवधि में किसी भी चल या अचल संपत्ति पर मिलने वाले प्रॉफिट पर लगने वाले टैक्‍स को लॉन्‍ग टर्म कैपिटल गेन टैक्‍स कहा जाता है।यह टैक्स शेयर बाजार पर 1 अप्रैल 2018 के बाद लागू हुआ था।इसके तहत  1 साल से ज्‍यादा की अवधि में शेयर मार्केट से होने वाली कमाई पर सरकार 10 फीसदी का टैक्‍स लेती है।

डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन टैक्स (DDT):भारत में जब कोई कंपनी डिविडेंड के रूप में कोई रकम बांटती, चुकाती या देने की घोषणा करती है तो उस पर सरकार को 15 फीसदी का एक टैक्स चुकाना पड़ता है जिसे डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन टैक्स कहा जाता है. डीडीटी का प्रावधान फाइनेंस एक्ट 1997 के तहत की गयी थी.