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बजट 2020 मे इन बीमा कंपनियों को मिल सकती है खुशखबरी

बिमा कंपनियों का विलय

वित्त वर्ष 2020-21 के लिए आम बजट एक फरवरी 2020 को पेश होगा। वहीं आर्थिक सर्वे 31 जनवरी को आएगा। इस बजट से लोगों को काफी उम्मीदें हैं। यह सीतारमण का दूसरा बजट होगा। बजट के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सार्वजनिक क्षेत्र की साधारण बीमा कंपनियों के लिए दूसरे दौर की पूंजी डालने की घोषणा कर सकती हैं। ऐसी कंपनियों के आर्थिक हालत सुधारने के लिए सरकार यह ये फैसला ले सकती है।

सरकार ने पिछले महीने 2019-20 के लिए पहली अनुदान के लिए अनुपूरक मांग में तीन बीमा कंपनियों- नैशनल इंश्योरेंस, ओरियंटल इंश्योरेंस और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस में 2,500 करोड़ रुपये डालने की घोषणा की थी।

नव भारत टाइम्स की ख़बरों के अनुसार इन कंपनियों को तय ‘सॉल्वेंसी मार्जिन’ के लिए 10,000 से 12,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त जरूरत पड़ेगी। सूत्रों ने बताया कि इस बारे में घोषणा वित्त वर्ष 2020-21 के बजट में की जा सकती है। बजट एक फरवरी को पेश किया जाना है। पूंजी डालने के बाद न केवल इन कंपनियों के आर्थिक हालत सुधरेंगे, बल्कि उनके विलय का रास्ता भी खुल सकेगा।

पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली ने की थी घोषणा

तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 2018-19 में घोषणा की थी कि तीनों कंपनियों का एक इकाई के रूप में विलय किया जाएगा। हालांकि, इन कंपनियों का विलय कई कारणों के चलते यानि उनकी खराब आर्थिक स्थिति की वजह से नहीं किया जा सका था।
सूत्रों ने बताया कि विलय के बाद अस्तित्व में आने वाली संयुक्त इकाई को शेयर बाजारों में सूचीबद्ध किया जाएगा। शुरुआती अनुमानों के अनुसार विलय के बाद बनने वाली संयुक्त इकाई देश की सबसे बड़ी साधारण बीमा कंपनी होगी, जिसका मूल्य 1.2 से 1.5 लाख करोड़ रुपये होगा। 31 मार्च, 2017 तक तीनों कंपनियों के कुल बीमा उत्पाद 200 से अधिक थे। इनका कुल प्रीमियम 41,461 करोड़ रुपये और बाजार हिस्सेदारी 35 प्रतिशत थी।

  • विलय के बाद बनने वाली संयुक्त इकाई देश की सबसे बड़ी साधारण बीमा कंपनी होगी।
  • जिसका मूल्य 1.2 से 1.5 लाख करोड़ रुपये होगा।
  • 31 मार्च, 2017 तक तीनों कंपनियों के कुल बीमा उत्पाद 200 से अधिक थे।
  • इनका कुल प्रीमियम 41,461 करोड़ रुपये और बाजार हिस्सेदारी 35 प्रतिशत थी।