Arthgyani
होम > न्यूज > जानीये कोरोना वायरस का भारत पर प्रभाव?

जानीये कोरोना वायरस का भारत पर प्रभाव?

कोरोना वायरस से आयात और निर्यात प्रभावित

कोरोना वायरस का नाम तो आप सभी ने सुना होगा|चीन से शुरू हुआ ये वायरस आज पूरे विश्व में तेजी से फ़ैल रहा है|बहुत सारे लोग इसके कुप्रभाव को भुगत रहे हैं|Global Village की अवधारणा के पूरी दुनिया एक खुला बाजार बन चुकी है| विश्व की हर बड़ी अर्थव्यवस्था आयात और निर्यात पर निर्भर है|ऐसे में एक देश का प्रभाव दुसरे देश पर पड़ना लाजिमी है| ये प्रभाव आर्थिक और स्वास्थ्य हर परिप्रेक्ष्य में नजर आता है|आज जानते हैं कोरोना वायरस का भारत पर प्रभाव व्यापारिक सन्दर्भों में|

आयात पर प्रभाव:

भारत विश्व के बड़े आयातक देशों में शामिल है|भारतीय विदेशी मुद्रा भंडार का एक बड़ा हिस्सा तेल आयात पर व्यव होता है| चीन में कोरोना वायरस के प्रकोप के बाद अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में कच्चे तेल के दामों में 20 फीसदी की गिरावट आयी है|अंतर्राष्ट्रीय वायदा बाजार, इंटरकांटिनेंटल एक्सचेंज (आईसीई) पर बेंचमार्क कच्चा तेल ब्रेंट क्रूड का अप्रैल डिलीवरी अनुबंध शुक्रवार को 54.45 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ।जो कि एक महीने पहले आठ जनवरी को ब्रेंट का भाव 65.44 डॉलर प्रति बैरल था। दरअसल कोरोनो वायरस का प्रभाव चीन की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ा है जिसके कारण चीन में तेल की मांग में जबरदस्त गिरावट आयी है| सर्वविदित है कि  चीन कच्चे तेल का बड़ा खरीददार है| चीन में तेल की मांग में कमी के कारण तेल के दाम लगातार गिर रहे हैं|इस घटना को भारतीय परिप्रेक्ष्य में देखें तो तेल के दाम में गिरावट भारत के लिए एक सकारात्मक खबर है|कच्चे तेल में आई इस नरमी से भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम में लगातार गिरावट का सिलसिला जारी है, जिससे उपभोक्ताओं को तेल की महंगाई से बड़ी राहत मिली है। देश की राजधानी दिल्ली में 11 जनवरी के बाद पेट्रोल 3.56 रुपये प्रति लीटर सस्ता हुआ है, जबकि डीजल की कीमत 3.74 रुपये प्रति लीटर घट गई है।चीन में हालात सुधरने तक ये गिरावट आगे भी जारी रहने की संभावना है|

निर्यात पर प्रभाव:

चीन मैं फैले कोरोना वायरस का प्रभाव भारत के निर्यात पर पड़ने के आसार नजर आ रहे हैं|तकनीकी एवं तेल के बड़े आयातकों में शामिल भारत कृषि उत्पादों के सन्दर्भ में विश्व के प्रमुख निर्यातकों में शामिल है|ऐसा ही एक कृषि उत्पाद है कॉटन| जानकारी के लिए बता दें भारत दुनिया में कॉटन का सबसे बड़ा उत्पादक एवं निर्यातक देश है| जबकि चीन कॉटन के प्रमुख आयातक देशों में शुमार किया जाता है|कॉटन उद्योग को इस महीने चीन को करीब पांच लाख गांठ (एक गांठ में 170 किलो) कॉटन निर्यात की उम्मीद की जा रही थी,लेकिन कोरोना वायरस के प्रकोप के कारण चीन को कॉटन निर्यात पर असर की आशंका जताई जा रही है। चीन में कोरोना वायरस के प्रकोप के चलते इस समय निर्यात के सौदे नहीं हो रहे हैं।भारत में इस वर्ष कॉटन की भारी पैदावार हुई है|ऐसे में चीन में आयी मांग की कमी भारत के लिए एक बुरी खबर है|कोरोना वायरस के प्रकोप का प्रभाव सिर्फ कॉटन ही नहीं बल्कि कस्टर्ड आयल ,मूंगफली एवं अन्य पारम्परिक कृषि उत्पादों के निर्यात पर भी पड़ेगा|