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2014-19 के बीच रिलायंस इंडस्ट्रीज ने की सर्वाधिक कमाई

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने 5.6 लाख करोड़ की संपत्ति बनाई

रिलायंस इंडस्ट्री अपने भारी वित्तीय मुनाफे को लेकर हमेशा चर्चाओं में शामिल रहती है|RIL देश की सर्वाधिक पूंजीकरण वाली निजी कंपनी बन चुकी है|हाल ही आयी एक रिपोर्ट के अनुसार मोदी सरकार के पहले कार्यकाल(2014-19) के दौरान रिलायंस सबसे ज्यादा संपत्ति बनाने वाली कंपनी बन गयी है|अपने 5 साल के अच्छे दिनों में रिलायंस इंडस्ट्रीज ने 5.6 लाख करोड़ की संपत्ति बनाई है|

फार्च्यूयन इंडिया 500 सूची में शीर्ष पर रिलायंस:

मोतीलाल ओसवाल की सालाना वेल्थ क्रिएशन स्टडी 2019 के मुताबिक रिलायंस इंडस्ट्रीज साल 2014 से 2019 के दौरान सबसे ज्यादा संपत्ति बनाने वाली कंपनी बन गई है। इन पांच सालों में कंपनी ने कुल 5.6 लाख करोड़ रुपए की संपत्ति बनाई।रिपोर्ट के मुताबिक इस दौरान भारत की टॉप 100 वेल्थ क्रिएटर्स कंपनी ने करीब 49 लाख करोड़ रुपए की संपत्ति बनाई है। इससे पहले रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) फार्च्यूयन इंडिया 500 सूची में शीर्ष पर पहुँची थी|फॉर्च्यून इंडिया के अनुसार 2018-19 में 5.81 लाख करोड़ रुपए का कारोबार करने के साथ ही मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली आरआईएल पहली कंपनी है, जिसने कुल कारोबार के मामले में आईओसी को पीछे छोड़ा है।

दुनिया के 9वें अमीर बने मुकेश अंबानी:

हाल में आयी फोर्ब्स की ‘द रियल टाइम बिलियनेयर्स लिस्ट’ में रिलायंस इंडस्‍ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी को दुनिया का 9 वां सबसे अमीर आदमी घोषित किया गया|मुकेश अंबानी ने गूगल के फाउंडर लैरी पेज और सर्गे ब्रिन को पीछे छोड़ दिया है| फोर्ब्स के मुताबिक आरआईएल चेयरमैन मुकेश अंबानी का ‘रियल टाइम नेट वर्थ’ गुरुवार को 6080 करोड़ डॉलर यानी करीब 4.35 लाख करोड़ रुपये था|सूची में सबसे ऊपर अमेजॉन के संस्थापक और सीईओ जेफ बेजोस हैं,जिनकी ‘रियल टाइम नेट वर्थ’ 11300 करोड़ डॉलर यानी 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक है|

टॉप 10 कंपनियों में बजाज फाइनेंस:

मोतीलाल ओसवाल की रिपोर्ट के अनुसार रिलायंस इंडस्ट्रीज ने करीब 7 साल बाद एक बार फिर वर्ष 2014 से 2019 के दौरान सबसे बड़ी वेल्थ क्रिएटर कंपनी बनी है।रिलायंस इंडस्ट्री के बाद इंडियाबुल्स वेंचर्स और इंडसइंड बैंक तेजी से संपत्ति बनाने वाली कंपनियों की लिस्ट में शामिल हैं।लिस्ट की टॉप 10 कंपनियों में बजाज फाइनेंस ने एंट्री की है।वहीं इंडियाबुल्स एक सतत रफ्तार से संपत्ति बनाने वाली कंपनी बन गई है, जिसने 10 सालों 2009-19 के बीच सीएजीआर में 49फीसदी की बढ़ोत्तरी दर्ज की है। साल 2014 से 2019 के दौरान फाइनेंशियल सर्विस कंपनी ने तेजी से अपनी संपत्ति में इजाफा किया है। हालांकि पब्लिक सेक्टर बैंक (पीएसयू) की इस दौरान संपत्ति बनाने की रफ्तार काफी धीमी रही।वहीं दूसरी तरफ प्राइवेट बैंक और नॉन बैंकिंग फाइनेंशिलय कंपनी (एनबीएफसी) ने इस सेक्टर में अच्छा किया है|टॉप 100 वेल्थ क्रिएटर्स में शामिल पीएसयू में आईओसी, बीपीसीएल, एचपीसीएल, पावरग्रिड कार्पोरेशन, प्रेट्रोनेट एनएऩजी, इंद्रप्रस्थ गैस, एलआईसी हाउसिंग, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और एनबीसीसी शामिल हैं।