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2020 में भी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में तेज़ी बने रहने की संभावना

वैश्विक स्तर पर आर्थिक नरमी के बावजूद देश में विदेशी निवेश पर असर नहीं पड़ा है।

उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआईआईटी) के सचिव गुरूप्रसाद महापात्र ने कहा कि वैश्विक स्तर पर आर्थिक नरमी के बावजूद देश में विदेशी निवेश पर असर नहीं पड़ा है। न्यूज़ एजेंसी भाषा से ली गयी ख़बरों के अनुसार महापात्र ने कहा, ” इस साल प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में अच्छी वृद्धि दर्ज की गई है और मुझे भरोसा है कि नीतियों और पहलों से भारत की एफडीआई में तेजी का सफर जारी रहेगा और यह अच्छी वृद्धि दर के साथ आगे बढ़ेगा। एफडीआई के लिए कारोबार करने को आसान बनाना बहुत जरूरी है। विदेशी कंपनियां विश्व बैंक की रैंकिंग पर नजर रखती हैं और वे भारत की रैंकिंग में अब तक के सुधार से खासी प्रभावित हैं। हमारा लक्ष्य शीर्ष 50 देशों की सूची में शामिल होना है। ”

प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को लेकर भारत आशान्वित है

वैश्विक कारोबार सुगमता रैंकिंग में देश की स्थिति में लगातार सुधार से भारत को 2019 की तरह 2020 में भी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) में तेजी बने रहने की पूरी आशा है। भारत को 2019 की पहली छमाही में 27.2 अरब डॉलर का विदेशी निवेश मिला है। एफडीआई में अच्छी वृद्धि यह साबित करती है कि विदेशी निवेशक भारत को लेकर बहुत आशावाद और उत्साह भरा रुख रखते हैं। श्री महापात्र ने कहा कि सभी मंत्रालय, विभाग और राज्य सरकार विदेशी कंपनियों को यहां आने की सुविधा देने के लिए अड़चनों को दूर करने और स्थिर नीतियां देने के लिए काम कर रहे हैं। कारोबारी माहौल में सुधार विदेशी निवेशकों को सुखद अनुभव देता है क्योंकि यह प्रक्रियाओं को आसान बनाने में मदद करता है। उन्होंने आगे कहा , ” कुछ राज्य भी विदेशी निवेश आकर्षित कर रहे हैं इसलिए हमें उन क्षेत्रों में काम करने की जरूरत है जहां निवेश आ रहा है। उन क्षेत्रों में और तेजी से तथा बिना किसी दिक्कत के मंजूरी दी जा सके ये उपाय करने हैं। उन्होंने कहा ये चुनौतियां हैं, जिस पर हम काम कर रहे हैं। ”

एफडीआई के लिए दो प्रमुख नीतियों पर कार्य जारी

वर्तमान में कई वैश्विक कंपनियां चीन से भारत आने को इच्छुक है। सरकार उन कंपनियों पर ध्यान दे रही है जो भारत को दूसरे निवेश गंतव्य के रूप में देख रही हैं। उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग दो प्रमुख नीतियों – नई औद्योगिक नीति और राष्ट्रीय ई – कॉमर्स नीति – पर तेज़ी से काम रही है। इसके मार्च 2020 में घोषित होने की उम्मीद है। चालू वित्त वर्ष की अप्रैल – जून तिमाही में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) 28 प्रतिशत 16.3 अरब डॉलर हो गया। 2018-19 में एफडीआई के रूप में कुल 62 अरब डॉलर का निवेश हुआ।