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2020 से प्रधानमंत्री कृषि बीमा योजना में आयेंगे ये बदलाव

प्रधानमंत्री कृषि बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) किसानों के लिए स्वैच्छिक

मौसम एवं अन्य नुकसानों की मार से किसानों को बचाने के लिए प्रधानमंत्री कृषि बीमा योजना की शुरुआत की गयी थी|प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस योजना के तहत किसानों की फसल को ध्यान में रखा था|किसानों द्वारा मिले सुझावों के आधार पर केंद्रीय मंत्रीमंडल ने प्रधानमंत्री कृषि बीमा योजना में बड़े बदलाव किये हैं| ये बदलाव पीएम मोदी की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में किये गए हैं जो आगामी वित्त वर्ष से लागू किये जायेंगे|

प्रधानमंत्री कृषि बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) किसानों के लिए स्वैच्छिक 

प्रधानमंत्री कृषि बीमा योजना में हुए बदलावं की जानकारी केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने दी|उन्होंने बताया कि इस योजना का प्रमुख उद्देश्य है किसानों की फसलों के नुकसान को बचाना|मौसम की मार से नुकसान को रोकने के लिए किसानों को निर्धारित मुआवजा देने के लिए इस योजना की शुरुआत की गयी थी| किसानों के लिए और भी उपयोगी बनाने के लिए,प्रधानमंत्री कृषि बीमा योजना को किसानों के लिए स्वैछिक बनाया जाएगा|बता दें पहले यह योजना प्रत्येक किसान के लिए अनिवार्य थी|संशोधन के बाद अब किसान अपनी इच्छा के अनुसार इस योजना का लाभ उठा सकेंगे|

ये भी हुए बदलाव:

नरेंद्र तोमर के द्वारा दी गयी जानकारी के अनुसार,पीएमएफबीवाई/आरडब्ल्यूबीसीआईएस दोनों योजनाओं में बीमा कंपनियों को व्यवसाय का आवंटन तीन वर्षों के लिए किया जाएगा। प्रधानमंत्री कृषि बीमा योजना में राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों को जिला स्तरीय मूल्य के लिए बीमित राशि के रूप में न्यूनतम समर्थन मुल्य चुनने का विकल्प भी दिया जाएगा|जिन फसलों  का  न्यूनतम समर्थन मुल्य निर्धारित नहीं है उनके लिए खेत मुल्य पर विचार किया जाएगा|

कुछ अन्य बिंदु:

 

  • प्रधानमंत्री कृषि बीमा योजना के अंतर्गत केद्रीय सब्सिडी असिंचित क्षेत्रों/फसलों के लिए 30 प्रतिशत तक प्रीमियम दरों के लिए सीमित होगी|
  • सिंचित क्षेत्रों/फसलों के लिए केंद्रीय सब्सिडी 25 प्रतिशत होगी।
  • अतिरिक्त जोखिम कवर/विशेषताओं में से कोई एक या अनेक चुनने का विकल्प भी दिया जाएगा|
  • प्रावधान को लागू करने की कटऑफ तिथि क्रमिक वर्षों में क्रमश: 31 मार्च और 30 सितंबर होगी।
  • प्रीमियम सब्सिडी में केंद्र का हिस्सा पूर्वोत्तर राज्यों के लिए वर्तमान 50:50 की साझा व्यवस्था से बढ़ाकर 90 प्रतिशत किया जाएगा।
  • ये संशोधन पूरे देश में खरीफ 2020 सीजन से लागू किया जाएगा।