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250 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था की जिम्मेदारी आईसीजी पर है -अजय कुमार

समुद्री अर्थव्यवस्था विश्व अर्थव्यवस्था का करीब पांच फीसदी

7,500 किलोमीटर लंबी तट रेखा पर समुद्र में भारत के विशिष्ट आर्थिक क्षेत्र (EEZ) में 20 लाख वर्ग किलोमीटर क्षेत्र है।यह 250 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था है, जिसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी आईसीजी पर है।आईसीजीए अमृत कौर और आईसीजीएस एनी बेसेंट पूर्वी तट के पास तैनात किये जाएंगे। ये बातें केंद्रीय रक्षा सचिव अजय कुमार ने तटरक्षक जहाजों ‘आईसीजीए अमृत कौर’ और ‘आईसीजीएस एनी बेसेंट’ को सेवा में शामिल करने के बाद कहीं|वे समुद्र आधारित अर्थव्यवस्था पर विचार व्यक्त कर रहे थे|

250 अरब डॉलर का समुद्री अर्थव्यवस्था का लक्ष्य:

प्राचीन काल से ही विश्व के विभिन्न व्यापारिक मार्ग समुद्र से संबंधित थे|समुद्र आज भी प्रमुख व्यापारिक गतिविधियों का सबसे बड़ा केंद्र है|विश्व के आयात निर्यात का सबसे बड़ा साधन समुद्री मार्ग हैं|विदित हो कि भारत विश्व के बड़े आयातक देशों में शुमार है अतः भारत में सामुद्रिक परिवहन का विशेष महत्व है|इस विषय पर प्रकाश डालते हुए केंद्रीय रक्षा सचिव ने कहा कि भारत 2024 तक 250 अरब डॉलर (18 लाख करोड़ रुपये) की समुद्री अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को हासिल करना चाहता है|इसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी तटरक्षक आईसीजी (ICG) पर है।

समुद्री अर्थव्यवस्था विश्व अर्थव्यवस्था का करीब पांच फीसदी:

समुद्र आधारित अर्थव्यवस्था का जिक्र करते हुए अजय कुमार ने बताया कि, समुद्री अर्थव्यवस्था विश्व अर्थव्यवस्था का करीब पांच फीसदी हिस्सा है।उन्होंने कहा कि दुनिया में चौथा सबसे बड़ा तटरक्षक होने के नाते आईसीजी ने देश के समुद्री क्षेत्रों की सुरक्षा करने तथा समुद्र में देश की संपदा को लूट से बचाने में विश्वसनीय ढंग से काम किया है। 26/11 मुम्बई हमले जैसी घटनाओं ने सभी एजेंसियों, चाहे वह आईसीजी हो या नौसेना हो या समुद्री पुलिस या अन्य हितधारक हो, उन्हें देशहित में आपस में तालमेल से काम करने और प्रौद्योगिकी का व्यापक उपयोग करने के लिए गंभीर बना दिया है। इस अवसर पर आईसीजी महानिदेशक के नटराजन ने कहा कि 26/11 के बाद तटीय निगरानी काफी बढ़ गई है। अब हमारे पास 145 जहाज हैं, जो 2025 तक 200 हो जाएंगे।