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मंदी के दौरान इन्वेस्टमेंट के लिए 10 बेहतरीन सुझाव

निवेशक द्वारा अधिकतम रिटर्न पाने की इच्छा से व्यय की गई धनराशि निवेश कहलाती है

अगर हम बात कर रहे हैं निवेश की तो आपको बता दें, हर निवेशक किसी भी चीज में निवेश करने से पहले उससे जुड़े लाभ के बारे में जानना चाहता है| निवेशक यही चाहेगा कि कम इन्वेस्ट में कैसे ज्यादा फायदा हो| इसके पूर्व निवेशक को लाभ और कितने प्रतिशत इन्वेस्टमेंट पर कितना रिटर्न मिलेगा इसके बारे में समझ होना  आवश्यक है| अगर मंदी के दौरान निवेश करने का मन बनाते हैं तो उस दौरान अधिक सावधानियाँ बरतनी जरुरी है|

आइये जानते हैं इन्वेस्टमेंट (निवेश) क्या है और इसकी प्रक्रिया क्या हैं?

म्यूचुअल फंडक द्वारा अधिकतम रिटर्न पाने की इच्छा से व्यय की गई धनराशि निवेश कहलाती है| जैसे कि- रियल इस्टेट, इक्विटी, एफडी, बॉन्ड्स, प्रोपर्टी खरीदना या बेचना, बैंक में कम ब्याज दर में खता खुलवाना, शेयर मार्केट में इन्वेस्ट करना इस्यादी|

इन्वेस्टमेंट (निवेश) की प्रक्रिया को समझने के लिए यहाँ पढ़ें:

निवेश की प्रक्रिया हमारी सहूलियत पर आधारित है इसके कोई प्रामाडिक प्रकार नहीं होते हैं| इन्वेस्टमेंट के दौरान अपनी जरूरत, लाभ और रिस्क जैसी चुनोतियों को ध्यान में रखकर इन्वेस्ट करना फायदेमंद साबित होता है, जो की स्वाभाविक है| और जब इन चीजों से रूबरू हो जाते है तब बिना रुकावट के इन्वेस्टमेंट्स कर सकते हैं। क्यूँकि तब आपको पता होता है की कितना फायदा होगा और रिश्क है तो कैसे उसमें से निकला जाये|

नीचे दिए गए इन्वेस्टमेंट टिप्स को ध्यान में रखकर चयन करना आवश्यक है:  

  1. रियल एस्टेट- हर रोजगार व्यक्ति का सपना होता है कि उसका आलिशान घर हो, उसे साकार करने के लिए रियल एस्टेट में इन्वेस्ट करना सबसे बेहतर तरीका है| इस तरह के निवेश में बड़ी राशि के रिटर्न की अपेक्षा रखी जा सकती है और साथ ही प्रोपर्टी को खरीदने के बाद उसे रेंट पर भी देकर दुगना रिटर्न हांसिल किया जाता है| प्रोपर्टी खरीदते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी रहता है जैसे की, लोकेशन, सुविधाओं की पूर्ति होना जरूरी है| प्रोपर्टी पर इन्वेस्ट करना लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट कहलायेगा|
  2. शेयरों मार्केट- जिन लोगों को शेयर मार्केट का अच्छा ज्ञान है उसके उतार चढ़ाव को समझते हैं उनके लिए शेयर मार्केट (बाजार) में इन्वेस्ट करना सही विकल्प है| शेयरों की कीमत दिन प्रतिदिन घटती बढ़ती हैं इसलिए शेयर को कब खरीदना, बेचना और इन्वेस्टमेंट जैसी बातों पर ध्यान रखना अत्यधिक आवश्यक है| इन्हें इक्विटी के नाम से भी जाना जाता है। शेयर्स से कई बार दूसरे असेट्स की तुलना में अच्छा-खासा रिटर्न भी दिया है। बता दें, शेयरों को इन्वेस्टमेंट के लिए अगर सबसे बेहतरीन और जल्द रिटर्न देने वाला निवेश विकल्प कहा जाता है, वहीँ रिस्की ऑप्शन्स में से एक माना जाता है।
  3. इक्विटी म्यूचुअल फंड- ऐसे म्यूचुअल फंड जिनमें इन्वेस्टमेंट पोर्टफोलियो का झुकाव 60% या उससे अधिक इक्विटी या शेयरों की ओर होता है उन्हें हम इक्विटी म्यूचुअल फंड कहते हैं| इसमें फंड मैनेजर होता है जो रिसर्च करके कितना निवेश किस शेयर में करना है इसका चुनाव करता है| शेयर को चुनकर उसमें निवेश करता है| इक्विटी म्यूचुअल फंड इन्वेस्टमेंट का सरल तरीका है|
  4. डेट म्यूचुअल फंड- ऐसे म्यूचुअल फंड जिनमें की यह कैटेगरी उन निवेशकों के लिए सही है जो निवेश से गारंटी रिटर्न कमाना चाहते हैं. इस तरह के म्यूचुअल फंड में कॉरपोरेट बांड्स, सरकारी सिक्योरिटीज, ट्रेजरी बिल्स, कमर्शियल पेपर आदि में निवेश से रिटर्न मिलता है| ये सबसे सुरक्षित इन्वेस्टमेंट है यह निवेश उनके लिए लाभदायक है जो लोग कम पैसों में निवेश करना चाहते हैं|  
  5. सोना- भारतीय संस्कृति में सदियों से सोना खरीदने की परम्परा चली आ रही है फिर गहनें हों या सिक्कों के रूप में हर नागरिक इसे पूंजी के तौर पर खरीदता है| और सोना खरीने में राशि निवेश करता है| अब इंडिया डीजिटलीकरण की बात करें तो सोना ऑनलाइन ख़रीदना और बेचना आसान हो गया है| सोने में निवेश करना सुरक्षित और कई सालों तक चलने वाला इन्वेश्टमेंट हैं|
  6. PPF– (पब्लिक प्रोविडेंट फंड) निवेशकों के लिए PPF सबसे लोकप्रिय बचत योजनाओं में से एक है| इनमें फिक्सड डिपॉजिट सेक्शन 80C के तहत कर बचत की स्कीम के साथ भी आते हैं। पोस्ट ऑफिस की PPF, नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट्स और सुकन्या समृद्धि जैसी योजनाएं भी आपको इसी तरह से कर में लाभ प्रदान करती हैं। इसलिए, बेहतर विकल्प डाकघर योजनाएं होंगी क्योंकि वे आपको ज्यादा ब्याज दरों के साथ कर लाभ प्रदान करते हैं। इन्वेस्टमेंट के इस विकल्प की सबसे अच्छी बात यह है कि इससे (निवेश के वक्त करमुक्त, ब्याज पर करमुक्त, निवेश रीडिम पर करमुक्त) का लाभ देता है| इन्वेस्टमेंट के इस विकल्प में सरकारी गारंटी मिलती है जिससे इसकी लोकप्रियता बढ़ती जा रही है|
  7. FD (फिक्स्ड डिपॉजिट)- फिक्स्ड ब्याज दर वाले इन्वेस्टमेंट में सबसे बेहतर हैं बॉन्ड्स। सरकार या कंपनियां निवेशकों से पैसे उधार लेती हैं और फिर एक निश्चित ब्याज दर रिटर्न में देती हैं। बॉन्ड्स को डिफेंसिव इन्वेस्टमेंट भी माना जाता है क्योंकि इनसे कम रिटर्न मिलता है। शेयर या प्रॉपर्टी की तुलना में इनमें रिस्क भी कम होता है। इसके अलावा, बॉन्ड्स को तेजी से बेचा जा सकता है।
  8. NPS (नेशनल पेंशन स्कीम) नेशनल पेंशन स्कीम में अतिरिक्त टैक्स की छूट दी जाती है जिसकी वजह से यह निवेशकों की पसंद में सर्वोपरि है| इसलिए यह सबसे आकर्षक विकल्प है| एनपीएस के अंतर्गत बच्चों की शिक्षा, शादी, घर बनाने या किसी मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में हम इस सुविधा का लाभ ले सकते हैं| इस राशि का लाभ रिटायरमेंट के बाद मिलता है|
  9. SCSS (सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम)- वरिष्ठ नागरिकों के लिए पोस्ट ऑफिस की वरिष्ठ नागरिक बचत योजना सबसे सुरक्षित इन्वेस्टमेंट का जरिया है| इस स्कीम के अंतर्गत 5 साल के लिए पैसा निवेश किया जा सकता है| मैच्योरिटी के बाद इस स्कीम को 3 साल के लिए और बढ़ाया जा सकता है| वरिष्ठ नागरिक बचत योजना में इन्वेस्ट की गई पूंजी पर सालाना 8.7 फीसदी का ब्याज मिलता है| हालांकि इस ब्याज पर टैक्स देना होता है| अगर ब्याज की रकम 10,000 रुपये सालाना से ज्यादा हुई तो आपको टैक्स देना होगा| इस स्कीम के तहत इन्वेस्टमेंट करने पर 1 अप्रैल 2007 से इनकम टैक्स एक्ट 1961 (Income Tax Act, 1961) के सेक्शन 80C के अंतर्गत टैक्स छूट का लाभ मिल रहा है|
  10. SGB (Sovereign Gold Bond)- सार्वभौमिक स्वर्ण बांड (एसजीबी / Sovereign Gold Bond) योजना की घोषणा केंद्रीय बजट 2015-16 में की गई| भारत सरकार की ओर से भारतीय रिजर्व बैंक ने सोने में निवेश करने के लिए सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड योजना जारी की इस स्कीम के तहत व्यक्ति कम से कम एक ग्राम और अधिकतम 500 ग्राम तक सोने में निवेश कर सकता है।