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जानिये इनकम टैक्स बचाने के उपाय क्या हैं?

इन्वेस्टमेंट के समय कम टैक्स हो या टैक्स फ्री और दुगने रिटर्न की अपेक्षा रहती है

हर व्यक्ति अपने कमाई हुई राशि में से कुछ बचत करना चाहता है| लेकिन कमाई हुई राशि का जब सही जगह निवेश ना की जाए तो नुकसान का जोखिम भी उठाना पड़ता है| आमदनी का ज्यादा हिस्सा टैक्स के रूप में चला जाता है| जब कहीं इन्वेस्टमेंट करते हैं तो यही सोचते हैं कि कम से कम टैक्स हो या टैक्स फ्री हो और दुगना रिटर्न मिले|

आइये जानते हैं, इनकम टैक्स बचाने की योजनाओं के बारे में    

  1. सुकन्या समृद्धि योजना: बालिकाओं को सशक्त बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा सुकन्या समृद्धि योजना शुरू की गई| इस योजना के तहत आप अपनी बेटी का भविष्य सुरक्षित करने के साथ इनकम टैक्स भी बचा सकते हैं| बेटी के जन्म से लेकर 10 वर्ष तक बैंक या पोस्ट ऑफिस में अकाउंट खुलवा सकते हैं| इस अकाउंट में प्रति वर्ष कम से कम हजार (1000) और अधिकतम डेढ़ लाख रुपए तक की बचत कर सकते हैं| जिसमें 9.2 फ़ीसदी की दर से ब्याज़ मिलता है और बेटी की उम्र 21 साल होने पर पैसों को निकाल सकते हैं|
  2.  एनपीएस : राष्ट्रीय पेंशन योजना केंद्र सरकार द्वारा प्रदान की गई योजना है, एनपीएस योजना का मूल लक्ष्य पेंशन सुधारों को स्थापित करने और लोगों में बचत कैसे की जाए उसके लिए प्रेरित करना है। राष्ट्रीय पेंशन योजना या एनपीएस के तहत, एक व्यक्तिगत सेवानिवृत्ति खाता खोल सकते हैं जिसमें कामकाजी जीवन के दौरान पेंशन कॉर्पस को बचाया जा सकता है। एनपीएस योजना सभी के लिए है लेकिन सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए अनिवार्य है।

सेक्शन 80C के तहत डेढ़ लाख टैक्स बचत के साथ ही  एनपीएस (नेशनल पेंशन सिस्टम) में सालाना 50,000 रुपए तक निवेश करके टैक्स फ्री का फ़ायदा उठा सकते हैं| 2015 के बजट में सरकार ने इनकम टैक्स एक्ट 1961 की धारा 80 सीसीडी के तहत सालाना एनपीएस में 50,000 रुपए निवेश तक टैक्स फ्री (करमुक्त) है|

  3.  पीपीएफ: पीपीएफ यानी पब्लिक प्रोविडेंट फंड यह भारतीय नागरिकों के लिए बचत का लोकप्रिय और काफी पुराना तरीका है| पीपीएफ में निवेश किया गया पैसा, कमाया गया ब्याज और मैच्योरिटी पर हासिल राशि, तीनों में पूरी तरह कर से मुक्त हैं| इसपर लगने वाला टैक्स फ्री श्रेणी के अंतर्गत अंत है| पीपीएफ में जॉइंट अकाउंट नहीं खुलवा सकते हैं, इसमें सिंगल अकाउंट होल्डर ही अनिवार्य है| यह भी टैक्स बचत का आसान तरीका है|

   4. इंश्योरेंस प्रीमियम: इंश्योरेंस पॉलिसी आप अपने परिवार के सदस्यों पत्नी, बच्चों के नाम से पॉलिसी लेकर टैक्स बचत की जा सकती है| इंश्योरेंस पॉलिसी के अंतर्गत दिए जाने वाले प्रीमियम पर सेक्शन 80C के तहत टैक्स छूट का फ़ायदा मिलता है| इंश्योरेंस में निवेश आपातकालीन स्थितियों से निपटने में सहायक सिद्ध होता है|

  5. मेडिकल इंश्योरेंस: यदि आप अपने, पत्नी या बच्चों के लिए मेडिकल इंश्योरेंस लेते हैं, तो इस पर भी आप टैक्स छूट का फ़ायदा उठा सकते हैं| इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80डी के तहत 25,000 रुपए तक का प्रीमियम टैक्स फ्री है. यदि आपने अपने माता-पिता का भी मेडिक्लेम किया है और उनकी उम्र 60 साल से ज़्यादा है, तो 30,000 रुपए तक की प्रीमियम राशि करमुक्त होगी यानी साल में आप 55 हज़ार टैक्स बचा सकते हैं|

6.  फिक्स्ड डिपॉज़िट (एफडी): जब किसी भी बैंक में FD खुलवाते हैं तो इस बात का पहले ध्यान देते हैं कि टैक्स कितना फीसदी रहेगा|

 7. होम लोन : यदि आपने घर ख़रीदने के लिए लोन लिया है, तो आपको टैक्स बचत का फ़ायदा मिलेगा|होम लोन के दिए गए ब्याज़ पर टैक्स छूट सालाना 2 लाख रुपए तक की है| यदि पति-पत्नी दोनों वर्किंग हैं, तो दोनों के नाम पर लोन होने से दोनों को टैक्स बेनीफिट मिलेगा|

इस तरह हर व्यक्ति अपने कमाई हुई राशि में से कुछ बचत करना चाहता है| लेकिन कमाई हुई राशि जब सही जगह निवेश ना की जाए तो नुकसान का जोखिम भी उठाना पड़ता है|इसलिए इन्वेस्टमेंट के दौरान कम टैक्स या टैक्स फ्री से जुड़ी योजनाओं के बारे में समझना जरुरी है|