Arthgyani
होम > न्यूज > अर्थव्यवस्था समाचार > 5G स्पेक्ट्रम नीलामी में पुरानी कंपनियां नहीं ले पाएंगी हिस्सा : COAI

5G स्पेक्ट्रम नीलामी में पुरानी कंपनियां नहीं ले पाएंगी हिस्सा : COAI

पुराने बकाये और सुप्रीम कोर्ट का डिसीजन है आशंका के कारण

दूरसंचार कंपनियों के संगठन सेल्यूलर्स ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीओएआई) ने आशंका व्यक्त की है की 4G स्पेक्ट्रम के भुगतान को लेकर हुए देरी और सुप्रीम कोर्ट के द्वारा लगाए गए जुर्माने की वजह से इस वित्तीय वर्ष में होने वाले 5G स्पेक्ट्रम नीलामी ज्यादातर पुरानी कंपनियां भाग नहीं लेंगी| 

 सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने बढ़ाया दबाव

सीओएआई के महानिदेशक राजन मैथ्यूज ने PTI से बात करते हुए कहा कि नीलामी करना सरकार के अधिकार क्षेत्र में है, लेकिन मौजूदा वित्तीय हालात को देखते हुए बड़ा सवाल यह है कि नीलामी में भाग कौन-कौन लेगा? उन्होंने कहा कि विधायी बकाए पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद पहले से संकटों में घिरी पुरानी दूरसंचार कंपनियों पर बहुत दबाव बढ़ा है और ऐसे में शायद ही वे इस साल के 5G  स्पेक्ट्रम के लिए बोलियां लगा सकें। मैथ्यूज ने आगे कहा कि इसके बाद भी नीलामी सरकार के अधिकार में है। यदि नीलामी की ही जाती है, तब सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिये कि स्पेक्ट्रम की नीलामी में किसी का वर्चस्व नहीं हो।

किसी एक कंपनी को ना मिले ज्यादा स्पेक्ट्रम

उन्होंने इसे समझाते हुए कहा कि 3.3 से 3.6 गीगाहर्ट्ज बैंड में 5जी के लिए महज 175 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम उपलब्ध हैं। ऐसे में किसी एक कंपनी को 100 मेगाहर्ट्ज से अधिक स्पेक्ट्रम की मंजूरी नहीं मिलनी चाहिए। मैथ्यूज ने कहा कि यदि किसी कारण प्रतिस्पर्धी परिस्थितियां बदलती हैं तो भविष्य में अन्य कंपनियों के लिए भी 5जी स्पेक्ट्रम उपलब्ध रहना चाहिए। हालांकि, अभी इस बारे में सरकार की कोई आधिकारिक उद्घोषणा नहीं आई है कि स्पेक्ट्रम की नीलामी कब होने वाली है।  

 COAI महानिदेशक के इस बयान ने सरकार के 5G स्पेक्ट्रम के नीलामी के समय को लेकर आशंका को बढ़ा दिया है| अब यह देखना दिलचस्प होगा की सरकार 5G की नीलामी कब करती है और उसमे कौन-कौन सी कंपनियां भाग लेती हैं|