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6000 करोड़ रूपए के ‘ATAL JAL’ योजना को मिली कैबिनेट की मंजूरी

किसानों की आय को बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने लिया है ये फैसला

केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में आज कई योजनाओं को लेकर फैसला लिया गया है| केंद्र सरकार की कैबिनेट की बैठक में राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर को अपडेट करने के साथ ही अटल भू जल योजना के लिए 6000 करोड़ रुपए का आवंटन भी किया गया  है| किसानों की आय को बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने ये फैसला लिया है| योजना का लाभ सात राज्यों के 8,350 गांवों को मिलेगा|

इन राज्यों को मिलेगा फायदा

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में चिन्हित क्षेत्रों में 5 वर्षों की अवधि के लिए 6000 करोड़ रुपए के कुल आवंटन के साथ अटल भू जल योजना (ATAL JAL) को मंजूरी दी है| चलिए तो हम आपको बताते है अखिर क्या है अटल भू जल योजना|

क्यों लागू की अटल भू जल योजना लागू

लगातार कम होते जा रहे भूजल (ग्राउंड वॉटर) के संकट से निपटने के लिए  केंद्र सरकार ने Atal Bhujal Yojana की शुरुआत की है|

योजना का उद्देश्य

जागरण की एक रिपोर्ट के लिए अटल जल योजना का उद्देश्य है कि भूजल की मात्रा को फिर से बढ़ाया जाए| साथ ही किसानों को खेती के लिए पर्याप्त मात्रा में जल भंडारन करना है| इस योजना को केंद्रीय जलसंसाधन मंत्रालय की तरफ से लागू किया जा रहा है| इस योजना के जरिए उन राज्यों पर ध्यान केंद्रिय किया जा रहा है जहां पर भूमिगत जल का संकट बहुत ज्यादा है| ज्ञात हो कि अटल भूजल योजना केंद्र सरकार की महत्वकांक्षी योजनाओं में से एक है| इस योजना में केंद्र सरकार और विश्व बैंक की आधी-आधी 50:50 हिस्सेदारी है| यानी की योजना के लिए 3000 करोड़ रुपए केंद्र सरकार और 3000 करोड़ रूपए विश्व बैंक द्वारा दिए जाएंगे|

जानकारी के लिए बता दें कि वर्ष 2016-17 के बजट के समय जल की समस्या से निपटने के लिए राष्ट्रीय भूजल प्रबंध सुधार योजना का एलान किया गया था|

अटल भू-जल योजना से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातें

  1. अटल भूजल योजना की शुरुआत 5 जून 2018 को केंद्र सरकार द्वारा भूजल का संरक्षण और इसका स्तर बढ़ाने के लिए की गई|
  2. इसकी शुरुआत जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्री नितिन गडकरी ने की थी|
  3. योजना में केंद्र सरकार और विश्व बैंक की 50:50 प्रतिशत की हिस्सेदारी है|
  4. हरियाणा, कर्नाटक, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में जल की कमी वाले क्षेत्रों में यह योजना लागू किया गया है|
  5. इस योजना में इन राज्यों के 78 जिलों, 193 ब्लॉकों और 8350 ग्राम पंचायतों को शामिल किया गया है|