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कार्वी से निवेशक हताश – अपने पैसो का कर रहे इंतज़ार

कार्वी के कई ग्राहकों ने खाते में पैसे नहीं डाले जाने की शिकायत की है।

ब्रोकरेज़ कंपनी  कार्वी स्टॉक ब्रोकिंग, अपने ग्राहकों की प्रतिभूतियां यानी सिक्‍योरिटीज ख़ुद को ही ट्रांसफर कर लेने की ख़बर से लगातार 22 नवंबर से सुर्खियों में हैं। अर्थज्ञानि लगातार निवेशकों के हित में कार्वी स्टॉक ब्रोकिंग से जुडी ख़बरों पे नज़र रखे हुए है।
अब कार्वी के बारे में एक नई जानकारी मिली है। कार्वी ने क्लाइंटस के शेयरों को गैरक़ानूनी तरीके से गिरवी रख रखा है, साथ ही निवेशकों के शेयर बेचने पर महीनों तक उनके पैसे नहीं लौटा रही है।

ग़ौरतलब है कि जब निवेशक अपने शेयर बेचते हैं तो उससे मिले पैसे, ज़यादातर ब्रोकरेज फर्म बिना विलम्ब निवेशक के अकाउंट में जमा कर देते है। लेकिन, कार्वी इस नियम से इतर यह पैसा कई महीने तक अपने पास रखे हुए है। कार्वी के कई ग्राहकों ने खाते में पैसे नहीं डाले जाने की शिकायत की है।

कार्वी महीनों से निवेशकों का पैसा अपने पास रखे हुए है

कार्वी से जुडी एक ताज़ा घटना में कार्वी में एक निवेशक जियॉफ चेस्टर वूली ने दो महीने पहले इंडसइंड बैंक के 27,000 शेयर बेचे थे, जिनकी वैल्यू 3.8 करोड़ रुपये थी। लेकिन उनको अबतक पैसा नहीं मिला है।  हालांकि, कार्वी के सीईओ राजीव सिंह ने कहा कि 21 सितंबर को कार्वी ने शेयर बेच दिए और 3.83 करोड़ रुपये उनके अमेरिका वाले खाते में डाल दिए गए हैं। वूली ने कहा, “पैसा कभी आया हीं नहीं। दो सप्ताह की भागदौड़ के बाद कार्वी ने चुप्पी साध ली है।” वूली कार्वी के रवैये से बेहद हताश हैं। उन्होंने टाइम्स ऑफ इंडिया को भेजे ई-मेल में कहा है कि”मैंने कार्वी को निर्देश दिया था कि वह उन शेयरों की बिक्री कर दे और पैसा मेरे अमेरिका वाले बैंक खाते में डाल दे, मगर ऐसा नहीं हुआ।”

ज्ञात हो कि वूली यूनिवर्सिटी वेंचर फंड के चेयरमैन और यूनिटल कैपिटल के सह-संस्थापक हैं। इससे पहले वह माइक्रो फाइनेंस कंपनी भारत फाइनेंशियल इंक्लूजन के निदेशक के रूप में भी काम कर चुके हैं। बाद में इसका इंडसइंड बैंक के साथ वियल हो गया था। इकोनॉमिक्स टाइम्स के अनुसार इस विषय में पूछ जाने पर कार्वी ने कोई जवाब नहीं दिया।

वूली की तरह हज़ारों ग्राहक ख़ुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं और उन्हें अपने पैसों की इंतज़ार है। वे कार्वी से परेशान हैं।