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MTNL ने अपनी जमीन एवं इमारत बेचने हेतू शेयरधारकों से मांगी मंजूरी

6,500 करोड़ रुपए तक की पूंजी जुटाना महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड का लक्ष्य।

MTNL अपनी खाली पड़ी जमीन और इमारतों को बेचना और किराये पर देना चाहती है जिसके लिए अपने शेयर धारकों से मंजूरी चाहती है।
न्यूज़ एजेंसी से मिली सूचना के आधार पर सार्वजनिक क्षेत्र की दूरसंचार कंपनी महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड (MTNL) अपनी खाली पड़ी जमीन एवं इमारतों के मौद्रिकरण और गैर-परिवर्तनीय डिबेंचर जारी करके 6,500 करोड़ रुपए तक की पूंजी जुटाना चाहती है।
एमटीएनएल ने कहा कि उसने शेयरधारकों से मंजूरी मांगी है कि वह निदेशक मंडल को एक या अधिक किस्तों में 6,500 करोड़ रुपए तक के सरकारी गारंटी वाले प्रतिभूति रहित, सूचीबद्ध, विमोचनीय गैर-परिवर्तनीय डिबेंचर जारी करने के लिए अधिकृत करे। ये डिबेंचर बांड के रूप में जारी किए जाएंगे।

इस संबंध में कंपनी की असाधारण आम बैठक आठ जनवरी 2020 को होगी। कंपनी 4G स्पेक्ट्रम लागत के मद में सरकार को निजी नियोजन आधार पर गैर-परिवर्तनीय विमोचनीय गैर-संचयी तरजीही शेयर (Non-convertible redeemable non-cumulative preference shares -NCRNCPS)  जारी करने के लिए शेयरधारकों से मंजूरी मांगेगी।
वहीं, निदेशक मंडल की ओर से चिह्नित/पहचान की गई कंपनी की इमारतों और जमीन को बाजार पर चढ़ाने के लिए मंजूरी मांगी जा रही है। यह निवेश और लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग के दिशा-निर्देशों और केंद्रीय मंत्रिमंडल की ओर से कंपनी की पुनरुद्धार योजना के अनुरूप है। इसके अलावा, परिसंपत्तियों को बाजार पर चढ़ाने से प्राप्त होने वाली आय के लिए एक एस्क्रो खाता खोलने की भी मंजूरी मांगी गई है।

MTNL की 4G स्पेक्ट्रम की लागत के एवज में सरकार को निजी नियोजन आधार पर 100 रुपए मूल्य के 62.95 करोड़ तरजीही शेयर के साथ साथ गैर-परिवर्तनीय विमोचनीय गैर-संचयी तरजीही शेयर (NCRNCPS) जारी करने की योजना है।

MTNL और BSNL का विलय

गौरतलब है कि सरकार ने हाल ही में बीएसएनएल और एमटीएनएल के लिए 69,000 करोड़ रुपए के पुनरूद्धार पैकेज को मंजूरी दी है, जिसमे घाटे में चल रही दोनों कंपनियों का विलय करने, उनकी संपत्तियों को बेचने और कर्मचारियों को स्वैच्छिक सेवानिवृति योजना (वीआरएस) देने सहित कई उपायों की घोषणा की है। दोनों कंपनियों ने पहले ही वीआरएस की पेशकश की हुई है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक बीएसएनएल के 78,569 कर्मचारियों और एमटीएनएल के 14,387 कर्मचारियों ने वीआरएस के लिए आवेदन किया है।