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ASBA क्या है? ऍप्लिकेशन्स सपोर्टेड ब्लॉक्ड अमाउंट

एएसबीए सुविधा IPO और FPO के आवेदन के लिए अपनाई जाती है।

ASBA – (Applications Supported by Blocked Amount) एक प्रोसेस है जिसे सेबी (Securities And Exchange Board OF India) द्वारा विकसित किया गया है। एएसबीए सुविधा इनिशियल पब्लिक इशू IPO और फॉलो ऑन पब्लिक ऑफर  FPO के आवेदन के लिए अपनाई जाती है। यह आपके बैंक खाते पर आधारित सेबी की सुविधा है  जिसे मई 2010 में लॉन्च किया गया था।

ये एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके द्वारा खुदरा निवेशक आईपीओ या एफ़पीओ में निवेश हेतू आवेदन के लिए, शेयर आवंटित किये जाने तक अपने बचत खाते में संबंधित राशि को ब्लॉक करते हैं। यदि आपको शेयर आवंटित किये जाते हैं तो इस राशि को आपके बैंक खाते से काट लिया जाता है अन्यथा इसे आवंटन प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद अनब्लॉक कर दिया जाता है। इसे ऐसे भी समझ सकते हैं कि निवेशक ने आईपीओ के लिए सबस्क्राईब किया है तो प्रोसेस के तहत इन्वेस्टर के अकाउंट से तब तक पैसे नहीं कटेगें जब तक कि उसको आईपीओ इश्यू नहीं हो जाते हैं।

ASBA के उपयोग के लिए ज़रूरी शर्तें

  • यह सिर्फ़ भारतीय निवेशकों के लिए है।
  • निवेशक का खाता ऐसे बैंक में होना चाहिए जो असबा के एप्लीकेशन फॉर्म स्वीकार करता हो।
  • आवेदन प्रतिभूतियों और शेयरों के लिए 2 लाख तक के हों।
  • खुदरा निवेशक 2 लाख से अधिक के लिए आवेदन नहीं कर सकता।
  • निवेशक किसी आरक्षित श्रेणी के तहत बोली नही लगा सकता।
  • निवेशक अपनी बोली -प्रक्रिया को संशोधित नहीं कर सकता।

सेबी की वर्तमान गाइडलाइंस के अनुसार रिटेल इन्वेस्टर्स, क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बॉयर और नान-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स बॉयर्स को एक एप्लीकेशन के जरिए एएसबीए/असबा के प्रोसेस से गुजरना ही होगा।

इन्वेस्टर्स असबा का उपयोग करने के लिए किसी भी राइट इश्यू के लिए आवेदन कर सकता है। इन्वेस्टर का खाता ऐसे बैंक में होना चाहिए जो असबा के एप्लीकेशन फॉर्म स्वीकार करता हो। वैसे सेबी ने सभी प्राइवेट और सरकारी बैंकों को असबा की प्रक्रिया के लिए एप्लीकेशन स्वीकार करने का नियम बनाया हुआ है। एक तरह से देखा जाए तो यह इन्वेस्टमेंट की सभी प्रक्रिया में काम आता है।