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भामाशाह योजना 2020 – उद्देश्य, प्रक्रिया – Bhamashah Yojana

भामाशाह योजना का मतलब है महिलाओं को सशक्त बनाया जाए

भामाशाह योजना का मतलब है महिलाओं को सशक्त बनाया जाए। भामाशाह योजना के तहत महिला को परिवार का मुखिया बनाकर बैंक खाते उनके नाम पर खोले जाते हैं। परिवार को मिलने वाले सभी सरकारी नकद लाभ सरकार इसी खाते में देती है। राजस्थान सरकार ने महिला सशक्तिकरण और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थी को देने के उद्देश्य से 15 अगस्त 2014 से भामाशाह योजना की शुरूआत की थी। जानिए भामाशाह योजना की सम्पूर्ण जानकारी अर्थज्ञानी पर।

राजस्थान सरकार की भामाशाह योजना लागू होने के बाद पेंशन की रकम सीधे महिलाओं के बैंक खाते में जाती है। जिन महिलाओं के खाते खुले है उनको रूपये भामाशाह कार्ड दिया जाता है जिसकी मदद से वो पास के बिजनेस कॉरेसपोंडेंट से वे पैसे ले लेती हैं। भामाशाह योजना लागू होने के बाद महिलाओं का जीवन बहुत आसान हुआ है।

भामाशाह योजना के तहत घर बैठे मिलता है पैसा 

राजस्थान के बीकानेर जिले की बंबलू गाँव की नानू देवी को बैसाखियों के सहारे चल कर पेंशन लानी पड़ती थी जिससे उनको काफी परेशानी होती थी लेकिन जब से भामाशाह योजना लागू हुई है पेंशन सीधे उनके खाते में पहुँच जाती है।  नानू देवी आज बहुत खुश है उनको घर बैठे पेंशन मिल जाती है। पेंशन की रकम पाने के लिए लाइन में लगना उनके लिए बहुत दर्द भरा काम था।

सरकार की तरफ से नामांकित सभी बीपीएल, स्टेट बीपीएल, अन्त्योदय व अन्नपूर्णा में चयनित परिवारों की महिला मुखिया के बैंक खाते में सहायता राशि के रुप में एक बार 2000 रुपये जमा कराया जाता है।

 1.5 करोड़ महिलाओं को मिलेगा लाभ

राजस्थान सरकार इस योजना के तहत  पेंशन और नरेगा जैसी 54 सरकारी योजनाओं का फायदा  सीधे तौर पर  महिलाओं के खाते में पहुँचाने का काम करती है। भामाशाह योजना के तहत राजस्थान सरकार का उद्देश्य ये है की 1.5 करोड़ महिलाओं को इस योजना का लाभ मिल सके और उनका जीवन खुशहाल हो सके।

सरकार का ख़ासा ध्यान इस बात पर भी है के लोगों को इस योजना के द्वारा मिले हुए पैसे को निकालने के लिए कहीं दूर या दुसरे शहर तक न जाना पड़े । सरकार को कोशिश है के सरकार भामाशाह योजना के माध्यम से पैसा लोगों तक आसानी से पहुँचाने का काम करे।

Bhamashah Yojana की प्रक्रिया

  • भामाशाह योजना में नामांकन करते समय परिवार व उसके सभी सदस्यों की पूरी जानकारी ली जाती है।
  • अगर परिवार के किसी सदस्य को किसी सरकारी योजना का लाभ मिलना है तो उन सबकी जानकारी इसमें शामिल की जाती है।
  • इनमें पेंशन नम्बर, नरेगा जॉब कार्ड नम्बर आदि शामिल हैं।
  • इसके साथ ही सरकारी योजना के लाभार्थियों का बैंक खाता भी भामाशाह योजना से जोड़ा जाता है।
  • नजदीकी ई-मित्र सेंटर पर जाकर भामाशाह योजना में अपना नरेगा, राशन कार्ड और पेंशन नंबर जुड़वाना है।
  • इसके बाद पेंशन, नरेगा, छात्रवृत्ति, जननी सुरक्षा आदि से जुड़े लाभ की रकम तय वक्त पर सीधे उनके बैंक खाते में पहुंच जाती है।

घर के पास रकम निकालने की व्यवस्था

  • लाभार्थियों को रुपे भामाशाह कार्ड कॉम की सुविधा दी जाती है ताकि वो आसानी से सरकारी योजना के माध्यम से प्राप्त रकम निकाल सके।
  • लाभार्थी रुपे कार्ड की मदद से पास के बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट (बीसी) केन्द्र से आसानी से पैसे निकाल सकते हैं।
  • बैंक व एटीएम की सीमित संख्या होने की वजह से राज्य सरकार ने राजस्थान में 35,000 बीसी बनाये हैं।

मोबाइल पर आता है पैसे पहुंचने/निकलने का मैसेज

  • सरकारी योजना के लाभार्थी के खाते में पैसे पहुंचने या निकलने की सूचना मोबाइल पर मैसेज से मिल जाती है। हर साल 2 बार भामाशाह द्वारा बांटे गए लाभ का सामाजिक ऑडिट किया जाता है।

भामाशाह योजना से भ्रष्टाचार हुआ कम 

  • पहले सरकारी योजनाओं का लाभ लोगों तक देर से पहुँचता था लोग इसकी शिकायत करते थे।
  • जब से सरकार ने भामाशाह योजना चलाई है तब से लोगों को आसानी हुई है।
  • आसानी से लोग अब इस योजना का लाभ उठा रहे हैं।
  • इस योजना से पहले कोई भी किसी के भी अंगूठे लगा कर दुसरे के पैसे ले जाता था।
  • जब से ये योजना शुरू हुई तब से ऐसी घटनाओं पर लगाम लगी है ।
  • अब पेंशन, छात्रवृत्ति, नरेगा आदि की रकम सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंच रही है। इसके साथ ही गैर नकद लाभ जैसे-राशन वितरण भी अब बायोमेट्रिक पहचान द्वारा सीधे लाभार्थियों को मिल पा रहे हैं।
  • परिवार के साथ नहीं रहने वाले छात्र और विकलांग लोगों को भामाशाह योजना में विशेष आर्थिक मदद मिलती है।
  • भामाशाह योजना की शुरुआत सबसे पहले उदयपुर से की गई थी।