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Crisil ने भारत के GDP अनुमान को 6.3% से घटा कर 5.1% किया

विगत दिनों मूडी ने भी अनुमान को 5.8% से घटाकर 5.6% कर दिया था

रेटिंग एजेंसी Crisil ने सोमवार 2 दिसम्बर को चालू वित्त वर्ष के लिए अपने विकास अनुमान में भारी कटौती कर इसे 5.1 फीसदी कर दिया| रेटिंग एजेंसी ने चालू वित्त वर्ष के लिए पूर्व में 6.3 फीसदी विकास दर का अनुमान दिया था| रेटिंग एजेंसी का यह अनुमान भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समीक्षा से कुछ दिन पूर्व आया है| रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया  5 दिसंबर को अपनी दोमाही मौद्रिक नीति समीक्षा की घोषणा करने वाला है| इस दौरान वह देश की विकास दर का अनुमान भी दे सकता है और मद्रिक दरों में संसोधन भी कर सकता है|

दूसरी तिमाही में 4.5% का रहा था GDP

एजेंसी का यह अनुमान जीडीपी के सरकारी आंकड़े जारी होने के कुछ ही दिनों बाद आया है| 29 नवंबर को जारी सरकारी आंकड़ों के मुताबिक चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में देश की विकास दर 4.5 फीसदी रही| यह दर बाजार की उम्मीद से भी कम है| जीडीपी आंकड़े जारी होने से कुछ दिन पहले जापानी ब्रोकरेज कंपनी नोमुरा ने दूसरी तिमाही में विकास दर 4.7 फीसदी रहने का अनुमान दिया था| ताजा विकास दर के साथ चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में देश की विकास दर घटकर 4.75 फीसदी पर आ गई है, जो कई साल का निचला स्तर है|

5.5% रह सकता है दुसरे छमाही का विकाश दर

Crisil ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा कि औद्योगिक उत्पादन, वस्तु निर्यात, बैंकों का कर्ज वितरण, टैक्स वसूली, माल ढुलाई और बिजली उत्पादन जैसे छोटी अवधि के कई प्रमुख संकेतक इस बात की ओर इशारा कर रहे हैं कि विकास की रफ्तार घट गई है| रेटिंग एजेंसी ने हालांकि दूसरी तिमाही में विकास दर में थोड़ी तेजी आने की उम्मीद जताई है| रेटिंग एजेंसी ने कहा कि पहली छमाही की 4.75 फीसदी विकास दर के मुकाबले दूसरी छमाही में विकास दर बढ़कर 5.5 फीसदी रह सकती है| अक्टूबर की मौद्रिक नीति समीक्षा में आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष के लिए अपने विकास दर अनुमान को 6.9 फीसदी से घटाकर 6.1 फीसदी कर दिया था|

वहीं एक दूसरी एजेंसी डन एंड ब्राड स्ट्रीट ने भी कहा है कि निकट भविष्य में भारत की आर्थिक वृधि दर नरम बनी रह सकती है|

विदित हो की क्रिसिल ने यह बात तब कही है जब RBI (Reserve Bank of India) 5 दिसंबर को Monetary Policy  की घोषणा करेगा| RBI की Monetary Policy Committee (MPC) की मीटिंग कल यानी 3 दिसंबर से 5 दिसंबर तक चलेगी| भारत के केंद्रीय बैंक RBI से 5 दिसंबर को छठी बार ब्याज दरों में कटौती किए जाने की संभावना जताई जा रही है| आर्थिक वृद्धि को गति देने और नकदी की स्थिति बढ़ाने के लिए इस साल अबतक पांच बार रेपो रेट में कुल 1.35  फीसदी की कटौती की जा चुकी है| देखते हैं इस बार RBI के द्वारा विकाश को गति देने के लिए क्या कदम उठाया जाता है और उसका क्या प्रभाव पड़ता है| मगर स्थितियों को देखते हुए कुछ ठोस और दीर्घकालिक कदम उठाने की आवश्यकता महसूस हो रही है|