Arthgyani
होम > न्यूज > भारतीय खाद्य निगम

FCI की प्राधिकृत पूंजी 10,000 करोड़ रुपये

प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल का निर्णय

गरीबों की संकटमोचक कही जाने वाली एफसीआई को सरकार ने दी बड़ी राहत|वंचितों एवं गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वालों को सस्ते दामों पर खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने में FCI की बड़ी भूमिका है|एफसीआई बीते कई दशकों से इस महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह कर रही है| उसकी इस भूमिका को प्रोत्साहन देते हुए सरकार ने बुधवार को भारतीय खाद्य निगम (FCI) की मौजूदा प्राधिकृत पूँजी को 3,500 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 10,000 करोड़ रुपये कर दिया है| मोदी सरकार के इस निर्णय के बाद सार्वजनिक क्षेत्र के इस निकाय में अतिरिक्त पूंजी डालने का रास्ता खुल गया है|

प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुआ निर्णय:

एफसीआई को राहत देने का ये निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति (CCEA) की हुई बैठक में लिया गया| सरकार के फैसले से एफसीआई की खाद्यान्नों की खरीद और वितरण की शक्ति में वृद्धि होगी|इसके साथ ही साथ एफसीआई अपने कर्ज और ब्याज लागत को भी कम कर सकेगा|ये जानकारी सरकार द्वारा जारी  एक  विज्ञप्ति में दी गई |

खाद्यान्न भंडार बनाने एवं रखरखाव में होगी सहूलियत:

बता दें कि एफसीआई  को सार्वजनिक वितरण के लिए लंबे समय तक अनाज के भंडार का रख रखाव करना होता है|इस काम में सहयोग के लिए सरकार FCI का वित्तपोषण इक्विटी पूंजी  या दीर्घकालिक ऋण के जरिये करती है| विज्ञप्ति के अनुसार एफसीआई की प्राधिकृत पूंजी बढ़ाये जाने के बाद इस उपक्रम में केन्द्रीय बजट के जरिये अतिरिक्त पूंजी डाली जा सकेगी| इस पूँजी से एफसीआई  को खाद्यान्न भंडार को बनाये रखने में आने वाली लागत को वहन करने में मदद मिलेगी| सरकार के इस कदम से जहां FCI का कर्ज कम होगा,ब्याज लागत में बचत होगी| इसके अतिरिक्त खाद्य सब्सिडी में भी कमी आएगी|विज्ञप्ति के अनुसार FCI की 31 मार्च 2019 को चुकता पूंजी 3,447.58 करोड़ रुपये है|

एफसीआई(FCI) के गठन के उद्देश्य:

एफसीआई की स्थापना खाद्य निगम अधिनियम, 1964 के तहत की गयी थी|खाद्य नीति के अनुसार इसके  निम्नलिखित उद्देश्य हैं|

  • किसानों के हितों को सुरक्षित रखने के लिए प्रभावी मूल्य समर्थन
  • सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत देशभर में खाद्यान्नों का वितरण
  • राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए खाद्यान्नो के प्रचालन तथा बफर स्टॉक के संतोषजनक स्तर को बनाए रखना|

राष्ट्र सेवा के अपने पांच दशकों दौरान,भारतीय खाद्य निगम ने सरकार की सस्ते दाम पर खाद्यान्न उपलब्ध कराने की नीति को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह किया है|