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FMCG सेक्टर परेशानियों के दौर में, शेयर्स की वैल्यू घटी

एफएमसीजी कंपनियों के शेयर अपने वार्षिक स्तर से करीब 15 फीसदी तक पीछे आ गए हैं।

FMCG के शेयर्स लगातार नीचे गिर रहे हैं। एक तरफ जहाँ निफ्टी 50 इंडेक्स में तेजी आई है वहीँ बीते एक महीने में एफएमसीजी शेयरों की वैल्यूएशन नीचे आकर 3 से 12 फीसदी तक टूट चुके हैं। विदेशी निवेशकों ने महंगी वैल्यूएशन की ओर इशारा करते हुए इन शेयरों से अपना निवेश निकलना शुरू कर लिया है, जिसके चलते ये शेयर नीचे गिर रहे हैं। एफएमसीजी कंपनियों के शेयर अपने वार्षिक स्तर से करीब 15 फीसदी तक पीछे आ गए हैं।

FMCG कंपनियों के लिए जरूरी है कि उसकी रेवेन्यू ग्रोथ बनी रहे

इकोनॉमिक टाइम्स के अनुसार एसबीआईकैप सिक्योरिटीज के विश्लेषक नितिन गुप्ता ने कहा, “मार्जिन की रफ्तार पर ब्रेक लगने वाला है। एफएमसीजी कंपनियों के लिए यह जरूरी है कि बाजार की उम्मीदों के अनुसार उसकी रेवेन्यू ग्रोथ बनी रहे। बाजार को स्थिर और मजबूत कमाई ग्रोथ की उम्मीद है। उन्होंने ये भी कहा कि “कमजोरी के दौर में भी इस सेक्टर की वैल्यूएशन का प्रीमियम बने रहने की एक बड़ी वजह यह भी है कि इसका कोई विकल्प नहीं है। हालांकि, मौजूदा ऊंची वैल्यूएशन के चलते विदेशी निवेशकों को इस सेक्टर से अपनी हिस्सेदारी कम करनी पड़ी थी।

एफएमसीजी सेक्टर में फिलहाल सुधार की गुंजाईश नहीं

गोदरेज कंज्यूमर, जिलेट इंडिया, आईटीसी, मैरिको, कोलगेट पामोलिव, बजाज कंज्यूमर, हिंदुस्तान युनिलीवर और ग्लैक्सोस्मिथक्लाइन जैसे शेयरों ने बीते एक महीने में 5 से 12 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की है।

हिंदुस्तान युनिलीवर, डाबर और ग्लैक्सोस्मिथक्लाइन के शेयरों ने भी 6 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की है। ब्रिटानिया, मैरिको के शेयर भी 15 फीसदी टूटे, आईटीसी और जिलेट जैसे शेयर अपने 52-सप्ताह के शिखर स्तर से करीब 20 फीसदी तक पीछे हैं वहीँ निफ्टी एफएमसीजी इंडेक्स 4 फीसदी टूटा है।

विश्लेषकों के अनुसार, प्रीमियम वैल्यूएशन बनाए रखने के लिए कमाई में मजबूती जरूरी होती है। हालांकि, उम्मीदों के उलट मांग में सुधार काफी कमजोर रहा है और इस सेक्टर की कंपनियों के अधिकारियों के अनुसार, आने वाली दो से तीन तिमाही में इसमें सुधार की गुंजाइश नहीं है।