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FSSAI ने पैकेज्ड दुग्ध उत्पादों पर से GST हटाने की सिफारिश

वर्तमान समय में दुग्ध उत्पादों पर 5 प्रतिशत जीएसटी है

FSSAI(Food Safety and Standards Authority of India)/भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक, द्वारा पैकेज्ड दुग्ध उत्पादों से प्रोडक्ट और सेवा पर लगने वाला टैक्स यानि (GST) हटाने के लिए जीएसटी काउंसिल से सिफारिश की जायेगी| GST के हटने से पैकेज्ड दुग्ध प्रोडक्ट की बिक्री में को बढ़ावा मिलेगा जिसमें उत्पादों की बिक्री तेजी से होगी|वर्तमान समय में दुग्ध उत्पादों पर 5 प्रतिशत जीएसटी देना पड़ता है।

FSSAI के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पवन कुमार अग्रवाल 

FSSAI (भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पवन कुमार अग्रवाल ने बताया कि हालही में खुदरा बाजारों में बिकने वाले दुग्ध उत्पादों के नमूनों का परीक्षण किया गया था। जिसमें गुणवत्ता और स्वच्छता से जुड़ी कमियों को नोटिस किया गया है। इसलिए ये उत्पाद ज्यादा दिन तक स्टोर में न पड़े रहे इसलिए पैकेट बंद दुग्ध उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा देने पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि दूध एवं उससे बने उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए एक FSSAI ने निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए राज्यों को परीक्षण से जुड़े उपकरण भी उपलब्ध कराये गए हैं।

विक्रेताओं के लिए गुणवत्ता और सुरक्षा संबंधी योजना

देश भर में खाद्य नियामक द्वारा 25 लाख विक्रेताओं में से एक लाख दूध विक्रेताओं को सत्यापित करने के लिए ‘सत्यापित दुग्ध विक्रेता योजना’ शुरू की गई है, जिसमें सभी दूध विक्रेताओं को रजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य है|इस तरह विक्रेताओं के  पंजीकरण के लिए योजना शुरू करने का निर्णय लिया गया है। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत पंजीकरण में करीब पांच प्रतिशत दुग्ध विक्रेताओं ने योजना का अनुकरण किया है।

अग्रवाल ने बताया कि गुणवत्ता और सुरक्षा संबंधी कमियों से निपटने के लिए यह व्यापक कार्य योजना तैयार की गयी है। यह योजना ऑनलाइन उपलब्ध है|’सत्यापित दुग्ध विक्रेता योजना’ के तहत दूध विक्रेता स्वयं ऑनलाइन पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं| जिसके बाद विक्रेताओं को फोटो, पहचान पत्र और लैक्टोमीटर दिया जाएगा।

पैकेजिंग एवं लेबलिंग-FSSAI की पहचान  

FSSAI खाद्य पदार्थों में पौष्टिकता के साथ उपलब्ध करने एवं ऑथोरिटी द्वारा तैयार मानकों को बनाये रखने का कार्य करती है। एफएसएसएआई को केंद्र सरकार ने 1 अगस्‍त, पैकेजिंग एवं लेबलिंग के तहत इसे अधिसूचित किया गया था। देश में किसी भी खाद्य पदार्थ का उत्पादन और बिक्री करने से पहले किसी भी कंपनी को FSSAI में  रजिस्‍ट्रेशन कराना अनिवार्य होता है। इसके बाद ही वह कंपनी अपनी प्रोडक्ट को बाजार में बेच सकती है।

रजिस्ट्रेशन के लिए शुल्क को दो भागों में विभाजित किया गया है| जिसमें सभी पंजीकरण के मापदंड के तहत आते हैं उनके लिए 100 रुपये। और केंद्रीय लाइसेंस के लिए शुल्क (जो कि केंद्रीय लाइसेंस पात्र हैं) उनकी रजिस्ट्रेशन फ़ीस 7500 रुपये है।