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GDP दर 6 साल में सबसे कम, मनमोहन सिंह ने जताई चिंता

जुलाई-सितंबर तिमाही में 4.5% रही GDP

चालू वित्त वर्ष के दूसरी तिमाही यानी जुलाई-सितंबर माह के लिए सकल घरेलु उत्पाद (GDP) घटकर 4.5 फीसदी के स्तर पर आ गया है| इसके पहले की तिमाही में यह जीडीपी दर 5 फीसदी के स्तर पर था| यह पिछली 26 तिमाही में सबसे कम GDP दर्ज हुई है| पहली तिमाही में विकास दर 5 फीसदी पर आ गई थी| वहीं, पिछले वित्‍त वर्ष की समान तिमाही में जीडीपी ग्रोथ रेट 7 फीसदी दर्ज की गई थी|

जीवीए (GVA) घटकर 4.3 फीसदी हुआ 

​सितंबर माह में ख़त्म तिमाही के लिए ग्रॉस वैल्यू एडेड (GVA) भी घटकर 4.3 फीसदी के स्तर पर था| पहली तिमाही में यह 4.9 फीसदी के स्तर पर था| एक साल पहले सामान अवधि में यह 6.9 फीसदी पर था|

स्थिति चिंताजनक- मनमोहन सिंह

देश की जीडीपी (GDP) 6 साल के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है| शुक्रवार को NSSO ने जीडीपी के आंकड़े जारी किये| आंकड़े सामने आने के बाद जाने माने अर्थशास्त्री और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने टिप्पणी की| मनमोहन सिंह ने कहा कि ‘स्थिति बहुत ही चिंताजनक है| आज जारी किए गए जीडीपी के आंकड़े 4.5% तक हैं| यह स्पष्ट रूप से अस्वीकार्य है|’

GDP का 4.5% तक की तीव्र गिरावट चिंताजनक

न्यूज़18 में प्रकाशित एक रिपोर्ट में मनमोहन सिंह ने कहा है कि ‘हमारे देश की आकांक्षा 8-9% की दर से बढ़ना है| सकल घरेलू उत्पाद का 5% से 4.5% तक की तीव्र गिरावट चिंताजनक है| आर्थिक नीतियों में बदलाव से अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने में मदद नहीं मिलेगी|’
किसानों, व्यवसायी और नागरिकों को विश्वास दिलाने का करे कार्य
पूर्व पीएम ने कहा- ‘आज ऐसा कोई नहीं है जो मंदी और इसके खतरनाक परिणाम से इनकार कर सकें| जीडीपी का गिरना चिंता का विषय है| हमें सोसायटी को डर के माहौल से निकाल कर भरोसे के माहौल में ले जाना होगा| हमारा आपसी विश्वास का सामाजिक ढांचा अब तहस नहस हो चुका है| सरकार को भारत के किसानों, व्यवसायी और नागरिकों को विश्वास की नजर से देखना होगा| पूर्ण बहुमत और तेल के कम अंतरराष्ट्रीय दाम एक ऐसा मौका थे जो कई जनरेशन में एक बार मिलते हैं| सरकार को इसका फायदा उठाना चाहिए|’

मनमोहन ने स्पष्ट कहा कि मैं देश के एक जागरूक नागरिक की तरह ये सब कह रहा हूं, इसमें राजनीति को शामिल नहीं किया जाना चाहिए|