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GST फ्रॉड के बढ़ रहे मामले – ई बिलिंग और क्रेडिट क्लेम पर सख्ती

देश में अवैध बिलिंग और फर्जी तरीके से इनुपट टैक्स क्रेडिट लेने के मामले बढ़ते जा रहे हैं।

जहाँ एक ओर जीएसटी कलेक्शन में गिरावट आती जा रही है वहीँ राज्य सरकारों के सामने अब टैक्स फ्रॉड रोकने की बड़ी चुनौती भी सिर उठाए खड़ी है। देश में अवैध बिलिंग और फर्जी तरीके से इनुपट टैक्स क्रेडिट लेने के मामले बढ़ते जा रहे हैं। हालांकि पकड़ में आ रहे मामले वास्तविक फ्रॉड का मात्र 10-15% हिस्सा ही हैं। बिना सप्लाई के क्रेडिट क्लेम करने की मोडस ऑपरेंडी वैट और एक्साइज रिजीम जैसी होने से जीएसटी के फूलप्रूफ होने के दावों पर भी सवाल उठने लगे हैं।

पिछले साल करीब 38000 करोड़ के जीएसटी फ्रॉड सामने आये थे, जिनमें 11,251 करोड़ के मामले सिर्फ फेक बिलिंग के जरिए क्रेडिट क्लेम के थे। नवभारत टाइम्स के अनुसार मौजूदा वित्त वर्ष के सात महीनों में ही 8000 करोड़ से ज्यादा फर्जी बिलिंग पकड़े जाने का अनुमान है। अकेले इसी साल डिटेक्टेड और अनडिटेक्टेड मिलाकर करीब 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की बोगस बिलिंग की आशंका है।  राजधानी दिल्ली में सेंट्रल और स्टेट जीएसटी अधिकारियों ने इस साल अब तक करीब 1000 करोड़ का जीएसटी फ्रॉड पकड़ा है, जिसमें शामिल इंटरस्टेट कंपोनेंट के साथ रकम कई गुना बताई जा रही है।

  • GST जीएसटी कलेक्शन में गिरावट आती जा रही है।
  • अवैध बिलिंग और फर्जी तरीके से इनुपट टैक्स क्रेडिट लेने के मामले बढ़ते जा रहे हैं।
  • पिछले साल करीब 38000 करोड़ के जीएसटी फ्रॉड सामने।
  • मौजूदा वित्त वर्ष के सात महीनों में ही 8000 करोड़ से ज्यादा फर्जी बिलिंग।
  • फ्रॉड के मामलों में छोटे डीलर्स की संख्या ज्यादा।
  •  ज़्यादातर मामले बैकएंड सिस्टम की प्रोसेसिंग में ही ट्रेस हुए हैं।

हाल में मिसिंग इनवॉइसेज के अगेंस्ट इनपुट क्रेडिट की सीमा 20% तय की गई थी और अब माना जा रहा है कि जीएसटी काउंसिल की अगली बैठक में ई-इनवॉसिंग लागू करने पर फैसला हो सकता है। अधिकारियों का कहना है कि फर्जी बिलिंग की निगरानी के सिर्फ़ मैनुअल एन्फोर्समेंट टीमों पे डिपेंड रहना काफी नहीं है।  क्यूंकि अब तक सभी मामले बैकएंड सिस्टम की प्रोसेसिंग में ही ट्रेस हुए हैं। ई-बिलिंग पहले 50 करोड़ रुपये टर्नओवर वाले कारोबारियों पर लागू करने का प्रस्ताव था, जिसे बाद में 500 करोड़ और फिर स्वैच्छिक करने पर सहमति बनी।  लेकिन अब केंद्र और राज्य इसे लागू करने पर गंभीर दिख रहे हैं। फ्रॉड के मामलों में छोटे डीलर्स भी ज्यादा हैं और कइयों ने तो जीरो से 5 करोड़ तक टर्नओवर दिखाया है, ऐसे में डेढ़-दो करोड़ टर्नओवर पर ही ई-बिलिंग लागू करने के सुझाव भी आ रहे हैं। जीएसटी कलेक्शन बढ़ाने के लिए केंद्र की ओर से गठित उच्चस्तरीय समिति ने भी बोगस बिलिंग और फर्जी क्रेडिट रोकने के लिए सख्त कदमों की सिफारिश की है।