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HDFC के स्टैंडएलोन का शुद्ध लाभ 8,372.5 करोड़ रुपये दर्ज़ हुआ

दिसंबर में समाप्त तीसरी तिमाही में एचडीएफसी का लाभ करीब चार गुना बढ़ा।

हाउसिंग डेवलपमेंट फाइनेंस कॉरपोरेशन (HDFC) के स्टैंडएलोन ने अपना शुद्ध लाभ 8,372.5 करोड़ रुपये अर्जित किया है। दिसंबर में समाप्त तीसरी तिमाही में एचडीएफसी का लाभ करीब चार गुना बढ़ा।

समाचार एजेंसी भाषा से प्राप्त ख़बरों के अनुसार कंपनी ने बताया कि बंधन बैंक के साथ एचडीएफसी की अनुषंगी कंपनी गृह फाइनेंस के विलय के चलते 9,019.81 करोड़ रुपये का यह एकमुश्त लाभ दर्ज किया गया है जिससे कंपनी के शुद्ध लाभ में यह बढ़ोत्तरी हुई है। हालाँकि उसके मुनाफे में वृद्धि अनुमानित है लेकिन लेखांकन के लिहाज से यह अनिवार्य है। कंपनी का यह मुनाफा उसकी बंधन बैंक में 9.9 प्रतिशत हिस्सेदारी में हुई प्राप्ति से चढ़ा है। इसका मूल्य तक़रीबन 9,020 करोड़ रुपये है।

एचडीएफसी को 2018 के अक्टूबर से दिसंबर तिमाही में 2,113.80 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था। ब्लूमबर्ग के पोल में 6,440 करोड़ रुपये के शुद्ध लाभ का अनुमान था। एचडीएफसी के अनुषंगी गृह फाइनेंस लि. का बंधन बैंक में विलय 17 अक्टूबर, 2019 से प्रभावी है। एचडीएफसी का शुद्ध ब्याज मार्जिन तिमाही के दौरान 3.3 प्रतिशत पर स्थिर रहा। कंपनी का सकल गैर-निष्पादित ऋण 5,950 करोड़ रुपये यानी 1.36 प्रतिशत पर रहा।

प्रमुख सन्दर्भ

  • HDFC के स्टैंडएलोन ने शुद्ध लाभ 8,372.5 करोड़ रुपये अर्जित किया।
  • बंधन बैंक के साथ गृह फाइनेंस के विलय के चलते 9,019.81 करोड़ रुपये का लाभ दर्ज। 
  • बंधन बैंक में 9.9 प्रतिशत हिस्सेदारी में हुई प्राप्ति से चढ़ा है।
  • एचडीएफसी के अनुषंगी गृह फाइनेंस लि. का बंधन बैंक में विलय 17 अक्टूबर, 2019 से प्रभावी है।
  • HDFC के प्रोविजनिंग में जबरदस्त वृद्धि हुई है।

HDFC ने शेयर बाजार को दी जानकारी में कहा कि वित्त वर्ष 2019-20 की तीसरी तिमाही में परिचालन से कुल आय 92 फीसद बढ़कर 20,285.47 करोड़ रुपये हो गए। वित्त वर्ष 2018-19 की तीसरी तिमाही में यह आंकड़ा 10,575 करोड़ रुपये का था। 

HDFC द्वारा दिए आंकड़ो के से पता चलता है कि अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के दौरान HDFC ने प्रोविजनिंग को बढ़ाकर 2,995 करोड़ रुपये कर दिया। यह आंकड़ा 30 सितंबर, 2019 को समाप्त तिमाही में 116 करोड़ रुपये का था। इससे पहले 30 सितंबर, 2019 को समाप्त तिमाही में कंपनी ने 754 करोड़ रुपये की प्रोविजनिंग की थी। अक्टूबर-दिसंबर, 2019 में कंपनी का कुल फंसा हुआ कर्ज 5,950 करोड़ रुपये रहा। यह कुल लोन का 1.36 फीसद है।