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कोरोना वायरस के चलते अब की बार होली पड़ेगी महंगी

होली के लिए आम तौर पर चीन से जनवरी में सामान आना शुरू होता है।

कोरोना वायरस के चलते भारत के बाजार में चीनी आइटम की खरीद दारी पर असर पड़ा है। इस संकट का असर होली के बाजार पर भी दिखाई देने लगा है। आम तौर पर भारत में होली से एक महीने पहले से ही चीनी आइटम की भरमार होती थी, इस बार सिर्फ देसी पिचकारियां नजर आ रही है।

कस्टम ड्यूटी की वजह से पिचकारी और स्प्रिंकलर के दाम 50-100 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं। चीन में कोरोना वायरस के कारण भारत आने वाले सामान पर ज्यादा असर दिखा है। कारोबारी बता रहे हैं कि चीन में कोरोना की मौजूदा स्थिति को देखते हुए आयात पर रोक लगी है और नए आइटम नहीं आ रहे हैं।

होली के लिए आम तौर पर चीन से जनवरी में सामान आना शुरू होता है। दिसंबर के मध्य से शुरू कोरोना वायरस फैलने की वजह से स्थिति और बिगड़ रही है। इस बार होली पर व्यापारी भी चीनी आइटम से दूर भाग रहे हैं। इसकी वजह चीन में हजारों लोगों का कोरोना वायरस से संक्रमित होना भी है।

कस्टम ड्यूटी 20 से बढ़कर हुई 60 प्रतिशत

होली के अवसर पर चीन से सामान मंगाया जाता है। कोरोना वायरस के चलते भारतीय बाजार के व्यापारी भी चिंता में हैं क्योंकि उन्होंने कई महीने पहले ही होली पर इस्तेमाल होने वाले आइटम पिचकारी, खाद्य सामग्री आदि की बुकिंग करा दी थी।कारोबारियों ने पेमेंट भी कर दिया है , लेकिन वहां कोरोना वायरस के चलते सब अस्त व्यस्त हो गया है।

दिल्ली के थोक मार्केट सदर बाजार के एक कारोबारी ने ईटी से कहा, “पिचकारी, स्प्रिंकलर्स, बैलून जैसे उत्पाद की जबर्दस्त शॉर्टेज है। थोक मार्केट में ही इनकी कीमत 100 फीसदी तक बढ़ चुकी है। पिचकारी वास्तव में टॉय हेड के तहत आती है, इन पर कस्टम ड्यूटी 20 से बढ़ाकर 60 फीसदी कर दी गयी है।

चीन से आये माल की हो रही टेस्टिंग 

चीन से आये होली के सामान को कोरोना की वजह से टेस्टिंग के लिए भेजा जा रहा है जिसकी रिपोर्ट आने में 15-20 दिन लगते हैं।बाजार में जो मैजिक बैलून 15 दिन पहले 40 रुपये का था वह अब 80 रुपये का बिक रहा है। वास्तव में चीन से सामान आने में एक महीने तक का समय लगता है।

इसके बाद कोरोना वायरस की वजह से टेस्टिंग में समय लग रहा है। जनवरी से चीन के कई इलाके में फैक्ट्री बंद हैं। इस वजह से इस बार होली पर रंग, पिचकारी और स्प्रिंकलर्स आदि खरीदने के लिए आपको ज्यादा रकम खर्च करना पड़ सकता है।