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90.7 करोड़ हो सकती है भारत में इंटरनेट इस्तेमाल करने वालों की संख्या

हर दशक में मोबाइल तकनीक में एक क्रांतिकारी बदलाव आता है।

टेक्नोलॉजी कंपनी सिस्को ने कहा है कि साल 2023 तक भारत में इंटरनेट का इस्तेमाल करने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 90.7 करोड़ तक पहुंच सकती है।साल 2018 में देश में 39.8 करोड़ लोग इंटरनेट का उपयोग कर रहे थे. सिस्को की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि साल 2023 तक देश में इंटरनेट से जुड़े उपकरण की संख्या 2.1 अरब तक पहुंच जाएगी।

इन उपकरणों में से एक चौथाई मशीन से मशीन (एम2एम) मॉड्यूल वाले यंत्र होंगे। सिस्को की रिपोर्ट के अनुसार अगले तीन साल में देश में मोबाइल यूजर की संख्या बढ़कर 96.6 करोड़ हो सकती है। यह कुल आबादी का 68 फीसदी हो सकती है।साल 2018 में भारत में मोबाइल यूजर की यह संख्या 76.3 करोड़ (56 फीसदी) थी।

सिस्को ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि अगले तीन साल में हर 20 में से एक कनेक्शन 5G तकनीक वाला हो सकता है। इसके साथ ही रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत में इंटरनेट से जुड़े उपकरणों और कनेक्शन की वृद्धि इस समय 7 फीसदी सालाना के हिसाब से हो रही है जो आबादी में वृद्धि दर से अधिक है।

हर दशक में मोबाइल तकनीक में आता है एक क्रांतिकारी बदलाव 

भारत में पिछले 50 साल से हर दशक में मोबाइल तकनीक में एक क्रांतिकारी बदलाव आता है। सिस्को ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि मोबाइल बैंडविड्थ की जरूरत अब वॉयस कॉल और मैसेज से आगे बढ़कर अल्ट्रा हाई डेफिनेशन वीडियो तक पहुंच चुका है। इसके साथ ही ऑगमेंटेड रियल्टी या वर्चुअल रियल्टी से जुड़े एप्लीकेशन की भी मांग बढ़ रही है।
सिस्को ने अपनी रिपोर्ट में कहा, “यह ट्रेंड बताता है कि भारत में इंटरनेट का घनत्व तेजी से बढ़ रहा है और उसी हिसाब से मोबाइल एप और अन्य सुविधा का प्रयोग भी।”
सिस्को ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि डिजिटल साक्षरता और मोबाइल की संख्या बढ़ने के साथ ही भारत में इंटरनेट कनेक्टिविटी बढ़ने की उम्मीद नजर आ रही है। इसके साथ ही देश में इंटरनेट की खपत भी तेजी से बढ़ने की उम्मीद है।