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LIC को लगी 57,000 करोड़ रुपये की चपत

एलआईसी के शेयर बाजार में निवेशकों 57,000 करोड़ का नुकसान हुआ है

भविष्य के सुरक्षित निवेश के लिए भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) सबसे विश्वसनीय माध्यम है। एलआईसी को सरकार के विनिवेश एजेंडा को पूरा करने के लिए सरकारी कंपनियों के मुक्तिदाता की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। शेयर बाजार में एलआईसी को हुए निवेश से इस वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही (जुलाई से सितंबर में अब तक) में ही 57,000 करोड़ रुपये की चपत लग चुकी है।

बिजनेस स्टैंडर्ड के मुताबिक, जून तिमाही के अंत तक शेयर बाजार में लिस्टेड कंपनियों में एलआईसी का निवेश मूल्य 5.43 लाख करोड़ रुपये था,जो अब घटकर 4.86 लाख करोड़ रुपये रह गया है। बीते ढाई महीनों के अंतराल में एलआईसी के शेयर बाजार में निवेश को 57,000 करोड़ का नुकसान हुआ है।

एजेंसी से मिली खबर के मुताबिक, एलआईसी ने सबसे ज्यादा आईटीसी में निवेश किया है। इसके अलावा एसबीआई, ओएनजीसी, एलऐंडटी, कोल इंडिया, एनटीपीसी, इंडियन ऑयल और रिलायंस इंडस्ट्रीज में भी एलआईसी ने निवेश किया है। एलआईसी ने जिन कंपनियों में निवेश किया है उनमें से 81 फीसदी के बाजार मूल्य में गिरावट आई है। पिछले कई सालो में सार्वजनिक कंपनियों में एलआईसी का निवेश चार गुना हो गया है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के आंकड़ों के मुताबिक मार्च 2019 तक एलआईसी ने कुल 26.6 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया है जिसमें से अकेले पब्लिक सेक्टर की कंपनियों में 22.6 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया गया है, सिर्फ 4 लाख करोड़ रुपये निजी क्षेत्र में लगाए गए हैं। इस तरह पब्लिक सेक्टर की कंपनियों में एलआईसी के कुल निवेश का हिस्सा एक दशक पहले के 75 फीसदी की तुलना में अब 85 फीसदी हो चुका है। इस तरह एक दशक में इसमें करीब 15 फीसदी की बढ़त हुई है।