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LIC ने चालू वित्त वर्ष के लिए प्रोविजनिंग 30% बढ़ाई

प्रोविजनिंग बढ़ाकर 23,760 करोड़ रुपये किया, कुल एनपीए 25 हजार करोड़।

लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (LIC) ने बीते दिनों में कुछ ऐसे भी कम्पनियों को लोन दिए जो आज वित्तीय संकट के कारण डूबने की स्थिति में है। इनमे अनिल अम्बानी की कंपनी रिलायंस और दीवान हाउसिंग फाइनैंस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (DHFL) मुख्य हैं। इन कम्पनियों को लोन देना अब LIC को भारी पड़ रहा है और इसका साफ़ असर LIC पर दिखने लगा है। विदित हो कि LIC ने कुल 4 लाख करोड़ रुपये का कर्ज दे रखा है।

लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ने हाल में जारी की गई अपने ऐनुअल रिपोर्ट में बताया कि मार्च में खत्म हुए वित्त वर्ष के लिए संकट की आशंका वाले एसेट्स के लिए प्रोविजनिंग 30 प्रतिशत बढ़ाकर 23,760 करोड़ रुपये कर दी है। LIC ने कहा कि एसेट क्वॉलिटी रिव्यू करने और रियल एस्टेट, लोन और दूसरे एसेट्स में निवेश के प्रदर्शन की समीक्षा करने के बाद हमने यह कदम उठाया है।

  • रिलायंस और DHFL को भारी-भरकम लोन देना LIC को महंगा पड़ा।
  • दोनों कम्पनियां मौजूदा हालात में डूबने के कगार पर है।
  • LIC  ने वित्त वर्ष 2019 के लिए प्रोविजनिंग 30% बढ़ाकर 23,760 करोड़ रुपये किया।
  • LIC ने कुल 4 लाख करोड़ रुपये का कर्ज दे रखा है।

एलआईसी ने वित्त वर्ष 2019 के लिए इससे पहले 18,195 करोड़ रुपये की प्रोविजनिंग की थी। वित्त वर्ष 2019 में उसके ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स 6.15 प्रतिशत पर आ गए थे। वित्त वर्ष 2018 में यह आंकड़ा 6.23% था।  इसका नेट एनपीए वित्त वर्ष 2018 के 1.82 प्रतिशत से घटकर वित्त वर्ष 2019 में 0.27% पर आ गया था।

देश की सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी ने दीवान हाउसिंग फाइनैंस कॉर्पोरेशन लिमिटेड, इंफ्रास्ट्रक्चर लीजिंग एंड फाइनैंशल सर्विसेज और रिलायंस ग्रुप (अनिल अम्बानी स्वामित्व वाली) सहित कई कंपनियों को भारी-भरकम कर्ज दे रखा है जो आज संकटग्रस्त स्थिति में खड़े हैं।