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LIC पॉलिसी- स्पेशल रिवाइवल कैंपेन 15 नवंबर 2019 तक

अब LIC की लैप्स हो चुकी पालिसी को फिर से चालू किया जा सकता है।

अगर आपकी भी LIC पॉलिसी 2 साल से अधिक समय से लैप्स हो चुकी है तो यह ख़बर आपको ख़ुश कर सकती है। अब आप आसानी से इसे रिवाइव कर सकते हैं। भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) ने इस संबंध में एक बयान जारी कर कहा है कि वह पुरानी पॉलिसी को रिवाइव (Revival of LIC Policy) करने का मौक़ा दे रही है। इस बयान में कहा गया है कि अगर कोई ट्रेडिशनल नॉन-लिंक्ड पॉलिसी (Non-Linked Policy) है तो इसके लिए 5 साल तक की सीमा दी जाएगी। अगर किसी पॉलिसी का प्रीमियम (LIC Policy Premium) तय समय में नहीं भरा जाता है तो वो पॉलिसी लैप्स हो जाती है। आमतौर पर पॉलिसी होल्डर के पास कुछ महीनों का समय होता है कि वो प्रीमियम जमा कर पॉलिसी को रिवाइव कर लें।

महत्वपूर्ण पक्ष

पुरानी पॉलिसी को रिवाइव करना नई पॉलिसी लेने से बेहतर फैसला

LIC के प्रबंध निदेशक विपिन आनंद ने इस संबंध में कहा कि जीवन बीमा ख़रीदने का फैसला हर किसी के लिए एक अहम फैसला होता है। दुर्भाग्यवश, कई बार परिस्थितियों की वजह से प्रीमियम जमा करना संभव नहीं होता है और पॉलिसी लैप्स हो जाती है। किसी पुरानी पॉलिसी को रिवाइव करना नई पॉलिसी लेने से बेहतर फैसला होता है। अब अगर प्रीमियम न जमा करने की वजह से पॉलिसी बंद होती है तो पॉलिसीहोल्डर इसे रिवाइव कर सकते हैं।

इरडा ने मानी LIC की बात

इसी को ध्यान में रखते हुए एलआईसी ने बीमा नियामक से विशेष अनुरोध किया था। बीमा नियामक ने एलआईसी की बात मानते हुए उन पॉलिसीहोल्डर्स को राहत दी है जिन्होंने 1 जनवरी 2014 के बाद पॉलिसी ली है। इसके बाद अब अगर कोई पॉलिसी होल्डर अपनी पॉलिसी को रिवाइव करता है तो उसे लाइफ इंश्योरेंस कवर का लाभ मिलता रहेगा। इसके लिए उन्हें किसी अन्य प्रोडक्ट को ख़रीदने की ज़रूरत नहीं होगी।

पुराने नियम क्या थे
1 जनवरी 2014 से लागू किये गए IRDA प्रोडक्ट रेग्युलेशन 2013 के अनुसार पहली बार भुगतान न करने के दिन से लेकर लगातार 2 साल तक का ही रिवाइवल पीरियड होता था। ऐसे में अगर 1 जनवरी 2014 के बाद LIC की पॉलिसी ख़रीदी गयी हो तो वो 5 साल के अंदर अपनी नॉन-लिंक्ड पॉलिसी को रिवाइव नहीं कर सकते थे। जबकि, यूनिट लिंक्ड पॉलिसी (Unit Linked Policy) के लिए यह समय 3 साल के लिए था जो कि पहली बार प्रीमियम न भरने के दिन से शुरू होता था।