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MRF के मुनाफे में दूसरी तिमाही में 18% गिरावट दर्ज

2020 की दूसरी तिमाही में MRF का मुनाफा 17.7 फीसदी घटकर 229 करोड़ रुपये

मद्रास रबर फैक्ट्री (एमआरएफ) टायर निर्माता कंपनी के मुनाफे में 18% गिरावट दर्ज हुई है| कंपनी का शुद्ध लाभ चालू वित्त वर्ष की 30 सितंबर 2019 को समाप्त दूसरी तिमाही में 17.73 फीसदी कम होकर 228.96 करोड़ रुपये रहा। कंपनी के निदेशक मंडल ने चालू वित्त वर्ष के लिए तीन रुपये प्रति शेयर का लाभ देने की आकंशा जाहिर की है। एक से अधिक लौट में गैर-परिवर्तनीय डिबेंचर जारी कर 102 करोड़ रुपये तक की पूंजी जुटाने की भी मंजूरी दी है। वित्त वर्ष 2020 की दूसरी तिमाही में MRF की आय 1.5 फीसदी बढ़कर 4,007.6 करोड़ रुपये रही है। वित्त वर्ष 2019 की दूसरी तिमाही में MRF की आय 3,947 करोड़ रुपये रही थी। वहीं 2019 की दूसरी तिमाही में MRF का मुनाफा 17.7 फीसदी घटकर 229 करोड़ रुपये रहा है।

एमआरएफ कंपनी को पिछले वर्ष इसी समय अवधि की तिमाही में  278.29 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था। मद्रास रबर फैक्ट्री कंपनी ने बताया कि समीक्षाधीन अवधि में परिचालन से आय 1.57 प्रतिशत बढ़कर 4,007.63 करोड़ रुपये रही। एक साल पहले की जुलाई-सितंबर तिमाही में यह 3,946.77 करोड़ रुपये थी। चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में कुल खर्च बढ़कर 3,760.80 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले की इसी तिमाही में यह आंकड़ा 3,649.87 करोड़ रुपये था।

विदित हो, एमआरएफ टायर की मार्केट कैप 28 हजार करोड़ से ज्यादा है। MRF (मद्रास रबर फैक्ट्री) भारत की सबसे बड़ी टायर निर्माता कंपनी है, जो पूरे विश्व में 14वें नंबर पर आती है| एमआरएफ कंपनी आज ट्यूब, बेल्ट, ट्रेड, हवाईजहाज जैसे वाहनों के टायर बनाती है। एमआरएफ भारत की एकमात्र टायर निर्माता कंपनी है जो सुखोई 30 एमकेआई सिरीज के लड़ाकू विमानों के लिए टायर बनाती है। MRF कंपनी अपने उत्पादों का दुनिया के करीब 65 देशों में निर्यात करती है।