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एसेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC) क्या है? Mutual Fund की खरीददारी में क्या है इसका महत्व!

जाने एसेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC) के बारे में पूरी जानकारी

म्यूच्यूअल फंड खरीद हम ज्यादातर बैंकों के इंटरेस्ट से ज्यादा की कमाई और टैक्स में बचत के उद्देश्य से करते हैं| मगर क्या हम जानते हैं की जिस म्यूच्यूअल फंड कंपनी पर हम भरोसा कर रहे हैं वह किस पर भरोसा करते हैं| अंततः कौन है वह जिसकी वजह से हमारे म्यूच्यूअल फंड में निवेश किए हुए धन से लाभ या हानि होती है| उसे AMC यानी ‘एसेट मैनेजमेंट कंपनी’ कहते हैं| चलिए जानते हैं की AMC होता क्या है और यह कार्य कैसे करता है|

एसेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC) किसको कहते हैं?  

भारत में पहली ऐसेट मैनेजमेंट कंपनी साल 1963 में स्थापित हुई थी, जिसका नाम UTI था| इसके बाद से बहुत सी अन्य कंपनियां भी आई है| आज के दौर में 40 से भी ज्यादा एसेट मैनेजमेंट कंपनियां क्रियाशील है| AMC यानि एसेट मैनेजमेंट कंपनी को आम भाषा में फंड हाउस (Fund House) भी कहा जाता है| यह एक कंपनी होती है जो म्यूच्यूअल फंड कंपनी द्वारा लोगो से एकत्रित धन को विभिन्न शेयरों, कैपिटल, स्टॉक्स, रियल एस्टेट, बॉन्ड्स आदि में विनिवेश कर लाभ कमाने का प्रयास करती हैं| एसेट मैनेजमेंट कंपनी निवेशकों को अधिक विविधता और निवेश विकल्प प्रदान करती हैं| AMC म्यूच्यूअल फंड के साथ साथ हेज फंड (hedge fund) और पेंशन योजनाओं का प्रबंधन का कार्य भी करते हैं| ये कंपनियां अपने ग्राहकों यानी म्यूच्यूअल फंड कंपनी, बैंक आदि से सेवा शुल्क या कमीशन चार्ज करके आय कमाती हैं|

AMC होती है सेबी के पास रजिस्टर्ड

एसेट मैनेजमेंट कंपनी भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के पास रजिस्टर्ड होता है| बिना सेबी के मान्यता के कोई भी एसेट मैनेजमेंट कंपनी काम नही कर सकता है| आम तौर पर एसेट मैनेजमेंट कंपनी को खरीद-पक्ष फर्म माना जाता है| यह केवल इस तथ्य को संदर्भित करता है कि वे अपने ग्राहकों को पैसा निवेश करने या प्रतिभूतियों को खरीदने में मदद करते हैं| वे निर्णय लेते हैं कि इन-हाउस रिसर्च और डेटा एनालिटिक्स के आधार पर क्या खरीदना है, लेकिन वे विक्रय-पक्ष फर्मों से भी सार्वजनिक सिफारिशें लेते हैं| अगर सामान्य शब्दों में समझा जाए तो एसेट मैनेजमेंट कंपनी अपने निवेशकों को एक पूल अकाउंट में निवेश का मौका देता है जिस से की वे कम रुपयों में भी कही अलग अलग निवेश प्रतिभूत में निवेश कर सकते है, साथ ही एसेट मैनेजमेंट कंपनी के अच्छे रिसर्च की बदौलत अच्छा रिटर्न भी प्राप्त करते है|

एसेट मैनेजमेंट कंपनियां एक प्लेटफॉर्म होती है

AMC अपने क्लाइंटो को खरीद और बिक्री का एक प्लेटफार्म देती है| कुल मिला कर AMC को बाज़ार की अच्छी समझ वाला माना जाता है जो अधिक लाभ और सुरक्षित निवेश का प्रयास करते हैं| आप अगर इसे अपने निवेश के दृष्टिकोण से देखें तो जब भी आप कोई म्यूच्यूअल फंड मे निवेश करते है तो आपका पैसा एसेट मैनजमेंट कंपनी के पास जाता है| जब भी आप किसी म्युचुअल फंड के किसी फंड में पैसा लगाते हैं तो उस फंड को किसी ऐसेट मैनेजमेंट कंपनी के द्वारा हैंडल किया जाता है| आपके द्वारा निवेश किए गए पैसे को ऐसेट मैनेजमेंट कंपनी आपके बताए हुए फंड में निवेश कर देता है| इसलिए म्यूच्यूअल फंड चुनते समय AMC के रिकॉर्ड पर ध्‍यान देना जरूरी है इससे आपको उसके प्रदर्शन का पता चलेगा यानि AMC पूर्व में कितना रिटर्न दिलाने में मददगार साबित हुई है| इसके साथ ही कई और फैक्‍टर भी हैं जो आपके म्यूच्यूअल फंड के लाभ-हानि को प्रभावित करते हैं|

निवेश पर अच्‍छा रिटर्न देने के लिए जिम्‍मेदार होते हैं फंड मैनेजर!

ऐसेट मैनेजमेंट कंपनी किसी भी फंड को चलाने के लिये एक फंड मैनेजर की नियुक्ति करता है| एसेट मैनेजमेंट कंपनी के पास तरह-तरह के निवेश प्लान्स होते हैं| इसके लिए AMC कंपनी हर फंड को मैनेज करने के लिए अलग–अलग फंड मैनेजर नियुक्त करती है| निवेश के सभी फैसले फंड मैनेजर की लीडरशिप में लेते हैं| इसीलिए अगर आप किसी म्यूच्यूअल फंड मे निवेश करने के बारे मे सोच रहे है तो, आपको AMC कौन है,  इस बात का ध्यान रखने के साथ फंड मैनेजर का भी ध्यान रखना चाहिए| हालांकि एसेट मैनेजमेंट कंपनियां फंड मैनेजर के रिकॉर्ड का ध्यान रखती है, और समय-समय पर वे फंड मैनेजर के प्रदर्शन को रिव्यू करते रहते हैं|

निवेश से पहले करें पूरा रिसर्च

मगर अंततः आपका धन ही रिस्क पर होता है, भले ही वह कम हो या ज्यादा, वह होती है आपके मेहनत की कमी ही|  इसलिए आप स्वयं इस बात का रिसर्च कर संतुष्ट हो जाए यह आपके लिए अच्छा होगा|इसलिए जब भी आप किसी म्यूच्यूअल फंड मे निवेश करने के बारे मे सोंचे तो आप उस फंड को चलाने वाले फंड मैनेजर के बारे मे भी जरुर जानकारी लें| उस फंड मैनेजर का रिकॉर्ड चेक करना चाहिए| फंड मैनेजर ने अब तक जिन-जिन फंड में सर्विस दिया है उसका रिटर्न कैसा रहा है| यह जांच लेना आपके निवेशित धन के स्वास्थ्य के लिए उत्तम होगा|