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PMC बैंक को महाराष्ट्र सरकार से मिला विलय का प्रस्ताव

दिसंबर के अंत तक आ सकते हैं PMC बैंक घोटाले की जांच रिपोर्ट के नतीजे

ख़राब लोन बंटवारे की वजह से मुसीबतों में चल रहे PMC बैंक (पंजाब एंड महाराष्ट्र बैंक) के उपभक्ताओं की मुसीबत जल्द समाप्त हो सकती है| PMC बैंक से संबंधित दो ख़बरें आई हैं जो इस मामले के जल्द समाप्त होने के संकेत दे रही हैं| पहली खबर के अनुसार RBI ने संकेत दिया है की PMC बैंक से संबंधित जांच इस महीने के अंत तक समाप्त हो जाएगी| इस खबर का यह अर्थ है की जांच रिपोर्ट आने के बाद RBI, PMC बैंक के भविष्य के बारे में आगे क्या कार्रवाई करनी है इस ठोस निर्णय लेने की स्थिति में होगी| PMC बैंक से संबंधित दूसरी खबर यह है की महाराष्ट्र सरकार ने PMC बैंक को विलय का प्रस्ताव दिया है|

PMC बैंक घोटाले की फोरेंसिक ऑडिट रिपोर्ट इस माह के अंत तक

RBI के गवर्नर शक्तिकांत दास ने RBI की कल समाप्त हुए तीन दिवसीय मीटिंग के बाद PMC बैंक के बारे में बात करते हुए कहा की, ’PMC बैंक घोटाले की फोरेंसिक ऑडिट रिपोर्ट इस माह के आखिर तक पूरी होने की उम्मीद है| दास ने यह भी कहा, इस सहकारी बैंक द्वारा हासिल की गई परिसंपत्तियों का मूल्यांकन किया जा रहा है| इसकी बिक्री से अनुमानित राशि का आकलन किया जा रहा है| RBI ने सहकारी बैंक के क्षेत्र में बेहतरी के लिए नियमों में बदलाव के भी सुझाव दिए|

महाराष्ट्र सरकार करना चाहती है PMC बैंक का विलय

महाराष्ट्र सरकार ने घोटाले की मार झेल रहे पंजाब एंड महाराष्ट्र बैंक (PMC BANK) का महाराष्ट्र स्टेट सहकारी बैंक (Maharastra state co-op. bank- MSC बैंक) में विलय करने का प्रस्ताव दिया है| महाराष्ट्र सरकार के मंत्री जयंत पाटिल ने बृहस्पतिवार को कहा कि इसका मकसद PMC बैंक के परेशान उपभोक्ताओं को राहत देने का है| उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो इस मामले में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) से बात की जाएगी|

अमर उजाला की एक रिपोर्ट के अनुसार पाटिल ने पत्रकारों को बताया उनकी MSC बैंक के प्रबंधक से बात हुई है| हमने उन्हें सलाह दी कि उन्हें PMC बैंक के अपने बैंक में विलय के लिए कोशिश करनी चाहिए ताकि गरीब जमाकर्ता को राहत मिल सके| उन्होंने कहा कि हम लोगों को भरोसा दिलाना चाहते हैं कि सरकार उनके साथ है| दोनों बैंकों के विलय से छोटे जमाकर्ताओं को जरूर फायदा होगा| पाटिल ने आगे उम्मीद जागते हुए कहा कि MSC बैंक की स्थिति अच्छी है और उन्हें PMC बैंक के विलय में कोई परेशानी नहीं होगी|

4,355 करोड़ रूपए के घोटाले का है आरोप 

मालूम हो कि कथित 4,355 करोड़ रूपए के घोटाले के उजागर होने के बाद आरबीआई ने PMC बैंक पर रोक लगा दी थी| इस घोटाले के बाद लोग घबराकर पैसे निकालने लगे थे, जिसके बाद बैंक ने प्रति ग्राहक पैसे निकालने की सीमा एक हजार रूपए कर दी थी| हालांकि, बाद में इसे बढ़ाकर 50 हजार रूपए कर दिया है| वहीं विशेष मौकों जैसे शादी, इलाज आदि की स्थिति में निकासी सीमा ज्यादा भी हो सकती है| मगर इस पुरे घटनाक्रम से PMC बैंक के उपभोक्ताओं में गहरा असंतोष है| वे स्वयं के जमा धन की निकासी के लिए मशक्कत कर रहे हैं| मगर अब इन दोनों उपरोक्त ख़बरों से प्रतीत हो रहा है की यह असमंजस की स्थिति जल्द ही समाप्त होने वाली है|