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प्रधानमंत्री सुरक्षित सड़क योजना

सरकार ने इस योजना की शुरुआत 2,000 करोड़ रूपये से की है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सुरुक्षित सड़क योजना चलाई गई है। Pradhan Mantri Surakshit Sadak Yojana आये दिन सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए चलाई गई है। अगर हम सड़कों में बात करें तो हिंदुस्तान की सड़के दुनिया में सबसे खतरनाक मानी जाती हैं। सरकार की इस योजना के तहत सड़कों का पूरी तरह रख रखाव किया जाएगा।

सरकार ने इस योजना की शुरुआत 2,000 करोड़ रूपये से की है। ये रकम समय के अनुसार बढती जायेगी। इस योजना के तहत सड़कों का नवीनीकरण होगा। जहाँ भी सड़कों में कोई भी दुर्घटना होने की सम्भावना जैसा लगता है वहां से सड़क को नयी तकनीक से जरिये बहुत अच्छा बनाया जाएगा। और जो पहाड़ी क्षेत्र है उन क्षेत्रों में रैलिंग्स लगाई जायेंगी।

दुर्घटना क्षेत्रों पर होगा नई तकनीक का इस्तेमाल 

इस योजना के तहत अब इन बातों का पता लगाया जा रहा है जहाँ दुर्घटना ज्यादा होती हैं। सरकार ऐसी जगहों के लिए ख़ास तरह के उपकरण लगाने का काम करेगी या कुछ ऐसी तरह के रिफ्लेक्टर जिससे दुर्घटना वाले क्षेत्र का पता चल जाए। और गाडी सवार दुर्घटना से बच जाए। हिन्दुस्तान में सबसे ज्यादा सड़क हादसे होते हैं। आंकड़ों की माने तो दुनिया में सबसे आगे सड़क हादसों में हिंदुस्तान है।

वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाईजेशन की रिपोर्ट के अनुसान हिन्दुस्तान में हर साल 2,31,000 से भी ज्यादा सड़क हादसों में लोगों की मौत होती है। सरकार ने दुर्घटना रोकने के लिए सारे राज्यों को सचेत कर दिया है। केंद्र सरकार ने प्रत्येक राज्य सरकार से ब्यौरा माँगा है के आप के राज्य में जहाँ सबसे ज्यदा, जिस सड़क पर सबसे ज्यादा दुर्घटना होती है उनकी डिटेल्स भेजी जाए। सरकार का लक्ष्य है बहुत जल्द सड़कों की दशा में सुधार कर के दुर्घटनाओं को ख़त्म किये जाए। सड़क पर चलने वालों का जीवन सुरक्षित हो जाए।

वाहनों को भी बनाया जाएगा सुरक्षित 

इस योजना के तहत वाहनों को भी सुरुक्षित बनाया जाएगा। दो पहिया वाहनों के लिए सुरक्षा के नए नियम लाये जायेंगे। क्योँ की हादसों के ज्यादा शिकार दो पहियाँ वहां वाले ही ज्यादा होते हैं। दो पहियाँ वाहनों में आटोमेटिक हेड लैंप दिया गया है इस से भी हादसे रोकने में मदद मिलेगी।

भारत सरकार बसों और ट्रकों के ड्राइवरों को लाइफ सेविंग तकनीक सिखाएगी। उनको पूरी तरह जानकारी दी जायेगी। इन तकनीकों की सिख के आधार पे ही सरकार ड्राइवर्स को लाइसेंस देगी। अगर कोई इस तकनीक को अच्छे से या सही से सिख नहीं पायेगा तो उस के लिए लाइसेंस मिलना मुश्किल हो जाएगा।