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RBL बैंक के तिमाही रिपोर्ट में लाभ में कमी के बाद भी शेयरों में क्यों है तेज़ी?

RBL बैंक का शुद्ध लाभ 31 दिसंबर 2019 को समाप्त तिमाही में 69 प्रतिशत लुढ़क कर मात्र 69.9 करोड़ रुपए रह गया है

बैंकिंग सेक्टर के लिए एक बड़ी खबर है| भारतीय बैंकिंग परिदृश्य में तेज़ी से बढ़ते एक बैंक RBL बैंक का शुद्ध लाभ 31 दिसंबर 2019 को समाप्त तिमाही में 69 प्रतिशत लुढ़क गया है| यह गिरावट बहुत बड़ा संकेत दे रहा है| हालांकि शुद्ध लाभ के प्रतिशत में गिरावट के बाद भी बैंक ने 69.9 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ अर्जित करने में सफलता प्राप्त की है|

शेयरों में है तेज़ी 

मगर इस तिमाही के निराशाजनक रिपोर्ट के बाद भी NSE पर RBL बैंक के शेयर शानदार वृद्धि के साथ व्यापार कर रहे हैं, यह थोडा विस्मित करता है| इस बढ़त के पीछे क्या वास्तविक कारण है, यह विश्लेषण करने का विषय है| खबर लिखे जाने तक NSE में RBL के शेयर 0.97% की वृद्धि के साथ 342 अंकों पर कारोबार कर रहें थे|

कुल आय में हुई है वृद्धि 

RBL बैंक ने बुधवार को शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि इससे पूर्व के वित्त वर्ष 2018-19 की इसी तिमाही में बैंक को 225.20 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ हुआ था| हालांकि बैंक की कुल आय 2019-20 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में 2,644.30 करोड़ रुपए रही जो एक साल पहले इसी तिमाही में कमाए गए आय से ढाई गुनी से भी ज्यादा है| ज्ञात हो कि पिछले साल के अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में बैंक ने 1,029.20 करोड़ रुपए की कुल कमाई की थी|

NPA दोगुने से ज्यादा बढ़ा 

लाभ-हानि, आय वृद्धि के अलावा बैंक ने एक क्षेत्र में वृद्धि दर्ज की है जो कि भारतीय बैंकिंग सेक्टर के लिए एक बड़ा सरदर्द बन के उभरा है| यह है NPA यानी Non-Performing Assets! यह बैड लोन के नाम से भी जाना जाता है| अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में बैंक का सकल NPA बढ़कर कुल कर्ज का 3.33 प्रतिशत हो गया है, जो कि एक साल पहले 2018-19 की इसी तिमाही में मात्र 1.38 प्रतिशत थी|