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सॉइल हेल्थ कार्ड स्कीम – विशेषताएं, नया अपडेट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 फरवरी 2015 को सॉइल हेल्थ कार्ड स्कीम की शुरुआत की थी

आज़ादी के बाद एक समय ऐसा आया था जब देश में अन्न और खाद्यान की कमी हो गई थी| उसके बाद रासायनिक उर्वरकों के प्रयोग की वजह से देश में इतनी अच्छी फसलें होने लगी कि कुछ समय उपरांत हम खाद्यान के निर्यात करने में भी सक्षम हो गए| मगर रासायनिक उर्वरकों के बहुतायत उपयोग से आज भारत के बहुत से राज्यों में स्थिति ऐसी हो गई है कि खेत जहरीले स्तर तक खराब हो चुके हैं| साथ ही बहुत बार किसानों को पता ही नहीं होता है कि उनके खेतों में कौन सी फसल का उत्पादन लाभदायक हो सकता है, और वे सालों साल दर्रे अनुसार बिना लाभ की खेती करते रहते हैं|

सॉइल हेल्थ कार्ड क्या है?

मिटटी के बारे में किसानों तक सही जानकारी उपलब्ध कराने और किसानों के सहयोग के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 फरवरी 2015 को सॉइल हेल्थ कार्ड स्कीम या  मृदा स्‍वास्‍थ्‍य कार्ड योजना (Soil Health Card Yojana) की शुरुआत की थी| इस योजना के तहत कृषकों के खेतों की जांच करके एक मृदा स्‍वास्‍थ्‍य कार्ड (सॉइल हेल्थ कार्ड) प्रदान किया जाता है|

सॉइल हेल्थ कार्ड स्कीम की विशेषताएं 

इस कार्ड में मिट्टी के प्रकार के बारे में, पोषक तत्व सामग्री, आवश्यक खाद, फ़सल के लिए स्युटेबल तापमान और वर्षा की हालत के बारे में सम्पूर्ण जानकारी प्रदान की जाती है| इससे किसान आसानी से जान पाता है कि उसके खेतों में कौन-कौन सी फसल उत्पन्न की जा सकती है| इसके साथ ही किसान को यह भी पता होता है कि उसके खेतों में किस उर्वरक की आवश्यकता है और किसकी नहीं| इस योजना का लक्ष्य किसानों को उनके खेतों और मिटटी के बारे में सही जानकारी प्रदान कर कम कीमत में ज्यादा फसल उपजाने के लिए प्रेरित करना है|

सॉइल हेल्थ कार्ड कैसे बनाये?

सॉइल हेल्थ कार्ड बनवाने के लिए सरकार ने बहुत ही आसान पद्धति रखी है| इसके तहत जिस खेत के मिटटी के बारे में आपको जानकारी चाहिए उसका नमूना इकठ्ठा कर नजदीकी सॉइल हेल्थ लैब में ले जाना है, वहां पर परिक्षण करके आपके उस मिटटी के गुणवत्ता के बारे में एक रिपोर्ट कार्ड प्रदान कर दिया जाएगा| आप अगर चाहें तो नजदीकी कृषि अधिकारी या सरपंच को भी निवेदन कर सकते हैं| इस परिस्थिति में कृषि वैज्ञानिक आकर आपके खेत के मिटटी का नमूना इकठ्ठा करके ले जाएंगे और सॉइल हेल्थ कार्ड बन जाने पर आपको सूचित कर दिया जाएगा| बहुत से स्थानों पर कार्ड घर तक भी पहुचाया जाता है| अगर आप चाहें तो अपने खेत के मृदा की जानकारी ऑनलाइन भी देख सकते हैं| याद रहे कि एक खेत के लिए सरकार तीन वर्षों में एक बार ही सॉइल हेल्थ कार्ड जारी करती है| उसके 3 साल के बाद ही फिर से जांच और कार्ड जारी किया जा सकता है|

सॉइल हेल्थ कार्ड लोगिन or सॉइल हेल्थ कार्ड स्कीम वेबसाइट

सॉइल हेल्थ कार्ड स्कीम के बारे में पूरी जानकारी के लिए ऑफिसियल वेबसाइट है- https://soilhealth.dac.gov.in/ | यहां पर आपको इस योजना के संदर्भ में सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध है| अगर आप नए यूजर हैं तो इस साईट पर अपना पंजीकरण करवाना होगा| इसके बाद मांगी गई सभी जानकारियां क्रमबद्ध तरीके से उपलब्ध कराते जाएं और submit करने के साथ ही सम्पूर्ण जानकारी आपके समक्ष आ जाएंगी|

सॉइल हेल्थ कार्ड स्कीम में नया अपडेट

सॉइल हेल्थ कार्ड स्कीम के तहत किसानों के लिए सुविधा विस्तार और तेज़ी लाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने हाल ही में घोषणा की है कि वह निकट भविष्य में देश भर में 10,845 सॉयल टेस्टिंग लैब की स्थापना करेंगी|