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कोरोना वायरस के कहर से बढ़ा बेरोजगारी का खतरा

कोरोना का कहर बेरोजगारी की आशंका

कोरोना वायरस का कहर आज दुनिया भर में देखनो को मिल रहा है। कोरोना वायरस के चलते बहुत से उद्योग धंधों पर असर पड़ा है। बाजारों में सुस्ती छा गई है। भारतीय बाज़ार में भी कोरोना वायरस से काफी असर पड़ा है। कोरोना वायरस के चलते भारत में कई उद्योगों के लिए सप्लाई संकट के बीच आने वाले दिनों में बड़े पैमाने पर बेरोजगारी की आशंका भी जताई जा रही है।

चाइनीज कंपोनेंट पर निर्भर मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, होम अप्लायंसेज, ऑटोमोबाइल जैसे सेक्टर्स में तेजी से स्टॉक खत्म हो रहा है और इंडस्ट्री जानकारों का कहना है कि हालात एक-दो महीने ऐसे ही रहे तो मैन्यूफैक्चरिंग से लेकर रिटेलर्स तक कई स्तरों पर काम बंद होंगे।

इम्पोर्ट कंसाइनमेंट हुए ठप

कोरोना वायरस का असर कामगारों पर भी पड़ रहा है। बाज़ारों में बेरोजगारी की समस्या आने लगी है। इम्पोर्ट कंसाइनमेंट ठप होने से असंगठित कामगारों पर इसका असर अभी से दिखने लगा है। ऑल इंडिया मोबाइल रिटेलर्स एसोसिएशन (AIMRA) के प्रेसिडेंट अरविंदर खुराना ने बताया ‘ कंपनियों से हमें जानकारी मिल रही है कि अगर 15-20 दिन तक सप्लाई सामान्य नहीं हुई तो बड़ी उथल-पुथल होने वाली है।

सप्लाई ना होने पर बहुत सी कंपनियों ने रेट बढ़ाने शुरू कर दिए हैं। पूरी सप्लाई चेन में वर्कफोर्स में कटौती भी हो सकती है’। AIMRA पहले ही ऑफलाइन मोबाइल मार्केट में बीते डेढ साल में करीब 50,000 लोगों के बेरोजगार होने की बात करती रही है।

इलेक्ट्रॉनिक्स बाज़ार चीन पर आश्रित

पंकज महेंद्रू इंडिया सेल्युलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन के चेयरमैन ने कहा कि नौकरियां जाने की बात को बोलना अभी बहुत जल्दबाजी होगी। लेकिन मोबाइल फोन में बहुत कम इनवेटरी होती है और यहां सप्लाई चेन में चीन की बड़ी हिस्सेदारी के चलते बिजनेस पर बुरा असर पड़ने लगा है। एक-दो हफ्ते में सुधार नहीं हुआ तो हालात चिंताजनक हो सकते हैं।

ज्यादातर टीवी कंपनियां 60% चाइनीज कंपोनेंट पर निर्भर हैं और कई उत्पादन में 30-40% कटौती पर विचार कर रही हैं। कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स अप्लायंसेज मैन्यूफैक्चरर्स एसोसिएशन (CEAMA) ने जॉब लॉस की संभावना पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, लेकिन इसके प्रेसिडेंट के मुताबिक अगर हालात नहीं सुधरे तो आने वाले महीनों में उत्पादन में कटौती और नई लॉन्चिंग टालना मजबूरी होगी।

सैकड़ों बिजनेस ट्रिप हुए कैंसल

विष्णु भार्गव ऑटो कंपोनेंट मर्चेंट एसोसिएशंस के प्रेसिडेंट ने कहा कि जो डीलर चाइनीज इम्पोर्ट पर निर्भर हैं, उनके यहां माल नहीं आने से छोटे स्तर पर कामकाज तो बंद होने ही लगा है, लेकिन लंबी अवधि में बड़े पैमाने पर जॉबलॉस होगा। APMA के ट्रेजरार और चाइना से ट्रेड करने वाले उमेश सेठ ने कहा कि सप्लाई बंद होने से पोर्टर, लोडर्स और अन्य वर्कर्स के काम बंद होने लगे हैं। सैकड़ों बिजनेस ट्रिप कैंसल हो चुके हैं।

आर्थिक सुस्ती के चलते हाल में लाखों नौकरियां गंवाने की बात करने वाले टेक्सटाइल और गारमेंट सेक्टर में कोराना को लेकर रुझान थोड़े पॉजिटिव हैं। गारमेंट एक्सपोर्टर्स का मानना है कि चाइना से ग्लोबल सप्लाई बंद होने से भारतीय निर्यातकों के लिए मौके बनेंगे। दिल्ली एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट अनिल वर्मा ने कहा कि फिलहाल हमारी सबसे बड़ी चुनौती अतिरिक्त डिमांड को पूरा करने के लिए किफायती वर्कफोर्स वाले बांग्लादेश, वियतनाम और थाईलैंड से कंम्पीट करना है। ऐसे में लेऑफ की आशंका यहां नहीं है।