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भारत में रोजगार किस स्थिति हुई और ख़राब, चार महीने में हुआ बुरा हाल

CMIE द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार फरवरी 2020 में भारत की बेरोजगारी की दर बढ़कर 7.78% पर पहुंच गई

भारतीय अर्थव्यवस्था में पिछले दिनों एक अच्छी खबर आई थी, जब ज्ञात हुआ था कि दिसंबर में समाप्त हुए तिमाही में सकल घरेलु उत्पाद (GDP) में वृद्धि दर्ज हुई है और वह बढ़कर 4.7% हो गई है| मगर अब जो खबर आ रही है, वह भारतीयों को निराश कर सकती है| सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (CMIE) के द्वारा जारी ताज़ा आंकड़ों के अनुसार समाप्त हुए फरवरी माह में बेरोजगारी की दर बढ़ कर अपने चार महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है|

अक्टूबर में 8% से ज्यादा हो गया था स्तर 

CMIE द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार फरवरी 2020 में भारत की बेरोजगारी की दर बढ़कर 7.78% पर पहुंच गई है, जोकि फरवरी 2020 में 7.16% थी| ज्ञात हो कि अक्टूबर 2019 में बेरोजगारी की दर 8% के पार पहुंच गई थी, मगर उसके बाद इसमें थोडा सुधार देखने को मिल रहा था|

जानकारी के लिए बताते चलें कि भारत में हर माह बेरोजगारी की दर सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (CMIE) के द्वारा जारी की जाती है| हर माह की बेरोजगारी दर ज्ञात करने के लिए CMIE प्राप्त आंकड़ों की एनालिसिस करता है| उसके उपरांत वह बेरोजगारी की दर जारी करता है|

ग्रामीण क्षेत्रों का हाल ज्यादा खराब

CMIE के द्वारा जारी स्टेटमेंट में कहा गया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थति शहरी क्षेत्रों के मुकाबले बद से बदतर हो गई है| CMIE के आंकड़ों के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी की दर जनवरी के 5.97 फीसदी के मुकाबले फरवरी 2020 में बढ़कर 7.37 फीसदी पर पहुंच गई है| वहीं शहरी क्षेत्रों में यह घटकर 9.70% से 8.65% पर आ गई है| शहरों में बेरोजगारी की दर का घटना स्वागतयोग्य है, मगर हमें यह बात याद रखना होगा कि ग्रामीण क्षेत्रों में भारत की 60% से ज्यादा आबादी रहती है, इस तरह से भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी का बढ़ना खतरे की घंटी है, और हमें इसके निवारण के लिए जल्द प्रयास करना होगा|