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Uttarakhand board 12th result, नैनीताल के युगल को मिला दूसरा स्थान, जानें पहले स्थान पर कौन?

UBSE Board Examination Result 2020 को Uaresults.nic.in पर कैसे चेक करें? उत्तराखंड बोर्ड बारहवीं की Results Live Update

उत्तराखंड बोर्ड (UBSE Board) बारहवीं और दस-वीं के रिजल्ट आ चुके हैं। बारहवीं में जसपुर की रहने वाली “Beauty” नामक छात्रा को 96.60% अंकों के साथ पहला स्थान मिला है। दस-वीं की बोर्ड एग्जाम में टॉप तीन (Top Three) की सूची में दो लड़कियों ने बनाई जगह। स्टूडेंट्स अपने दस-वीं और बारहवीं के रिजल्ट जानने के लिए www.uaresults.nic.in विजिट कर सकते हैं।

Uttarkhand Board of School Examination की सचिव डॉ नीना तिवारी ने बताया कि रिजल्ट उत्तराखंड बोर्ड ऑफ स्कूल एग्जामिनेशन के वेबसाइट के तकनीकी ख़राबी के कारण www.ubse.uk.gov.in पर अप-लोड नहीं किया गया है। छात्रों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए बोर्ड की तरफ से एक NIC वेबसाइट बनाया गयी है।

कोरोना की वजह से रिजल्ट में देरी

UBSE बारहवीं और दस-वीं का रिजल्ट काफी समय से रुका हुआ था। जिसे आज सुबह 11 बजे उत्तराखंड के शिक्षा-मंत्री अरविंद पांडे ने बोर्ड ऑफ़िस में लाइव कर दिया।

उत्तराखंड बोर्ड बारहवीं में जसपुर की टॉपर “ब्यूटी”, बागेश्वर में सबसे अच्छे परिणाम

बारहवीं के एग्जाम में जसपुर की रहने वाली ब्यूटी को 500 में से 483 (96.60%) अंकों के साथ पहला स्थान मिला है वहीं नैनीताल के युगल जोशी (95.40%) MERIT LIST में दूसरे और ऋषीकेश के राहुल यादव (95%) तीसरे स्थान पर हैं। उत्तराखंड के जिलों की बात करें तो बागेश्वर में सबसे अच्छे परिणाम रहे जहां 90 प्रतिशत रिजल्ट है।

उत्तराखंड बोर्ड की दस-वीं के रिजल्ट में टिहरी के गौरव को पहला स्थान

Uttarakhand बोर्ड दस-वीं के रिजल्ट में टिहरी गढ़वाल के गौरव सकलानी पहले स्थान पर आए हैं। काशीपुर की जिज्ञासा दूसरे और पौड़ी गढ़वाल की शिवानी तीसरा स्थान हासिल की हैं।

इस बार उत्तराखंड बोर्ड के बारहवीं के एग्जाम में करीब 1,19,216 छात्र तथा दस-वीं में 1,47,588 छात्र शामिल हुए थे। 12वीं में 80.26 फीसदी छात्र दस-वीं बोर्ड एग्जाम में 76.91 प्रतिशत छात्र उत्तीर्ण हुए है।

Uttarkhand Board परीक्षाओं में उत्तीर्ण सभी छात्रों को हमारी टीम के तरफ से ढेरों शुभकामनाएं। जिन बच्चों को क्वारंटाइन या कंटेनमेंट जोन में होने के कारण जो छात्र परीक्षा में नहीं बैठ सके थे उन्हें पिछले रिकॉर्ड के हिसाब से औसत मार्क्स दिए जाएंगे। सरकार ने यह भी कहा है कि परिणामों की घोषणा के एक महीने बाद ऐसे बच्चों को दोबारा परीक्षा देने का मौक़ा दिया जाएगा।