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YES बैंक में निवेशकों के ‘YES’ और ‘NO’ के बीच अटकी रिटेल निवेशकों की सांसे

कनाडा के एक निवेशक के प्रोफाइल के संदिग्ध होने से YES बैंक के शेयरों में बढ़ी बिकवाली

यस बैंक ने विगत कुछ दिनों में जितने उतार-चढाव देखे हैं, उतना शायद ही किसी कंपनी ने देखे होंगे| यस बैंक का यह उतार-चढाव आंतरिक और बाह्य दोनों जगहों पर देखा जा रहा है| आंतरिक स्तर पर बैंक मैनेजमेंट निवेश लाने की जुगत में हैं वहीं बाह्य स्तर पर यस बैंक के शेयरों ने भी काफी उतार-चढाव देखें हैं| यस बैंक के निवेशकों को जैसे ही खुश होने को मिलता है, एक नई समस्या सामने आ जाती है| अभी पिछले हफ्ते शुक्रवार को बैंक ने ऐलान किया था कि उसे 2 अरब डॉलर की फंडिंग हासिल हो गई है| अभी निवेशक इस बात से ठीक से खुश भी नहीं हो पाए थे कि सोमवार को यस बैंक के सामने नई मुश्किल आ गई और इसके शेयरों में बिकवाली रही| अब निवेशकों को समझ में नहीं आ रहा है की यस बैंक के शेयरों को होल्ड करें या बेच दें|

2 अरब डॉलर निवेश पर हो रही है वार्ता

यस बैंक के बोर्ड ने 29 नवंबर को अपने संभावित निवेशकों के नाम का खुलासा किया था| बैंक ने बताया था कि उसे सबसे बड़ा फंड SPGP होल्डिंग्स के एरविन सिंह बराइच से मिलने वाला है| बैंक ने बताया की कनाडा के अरबपति बराइच ने प्रीफरेंशियल शेयर के जरिए यस बैंक में 1.2 अरब डॉलर निवेश करने में दिलचस्पी जताई है| बैंक ने स्टॉक एक्सचेंज को बताया था की ‘निवेशकों के साथ बातचीत चल रही है और जल्दी डील पूरी हो सकती है|’

RBI की मंजूरी पर असमंजस 

हालांकि एरविन सिंह बराइच के बारे में मार्केट को जानकारी बहुत कम है| ब्रोकरेज हाउस मैक्वायर ने इस बात की आशंका जताई है कि RBI की तरफ से बराइच को 10 फीसदी से ज्यादा निवेश की अनुमति नहीं मिलेगी| किसी भी बैंक में 5 फीसदी से ज्यादा हिस्सेदारी लेने के लिए RBI की मंजूरी जरूरी है| कोई गैर फाइनेंशियल कंपनी किसी बैंक में 10 फीसदी और फाइनेंशियल कंपनी में 15 फीसदी तक हिस्सेदारी ले सकती है| हालांकि केस-दर-केस के आधार पर भी कुछ राहत मिल सकती है| जैसे की हाल ही में केरल के प्राइवेट बैंक CSB लिमिटेड के मामले में हुआ| बैंक ने अपनी 51 फीसदी हिस्सेदारी कनाडा की फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स को बेची थी| यह कंपनी प्रेम वत्स की है, जिनके पोर्टफोलियो में कोई दाग नहीं है| अब RBI यस बैंक के मामले में क्या करता है यह असमंजस की स्थिति का सबसे बड़ा कारक है और इस असमंजस के पीछे भी एरविन सिंह बराइच का पुराना पोर्टफोलियो ही कारण है|

कौन है एरविन सिंह?

मनी कंट्रोल की एक रिपोर्ट के मुताबिक एरविन सिंह बराइच के पिता हरमन सिंह बराइच 20 साल की उम्र में कनाडा चले गए थे| इकोनॉमिक टाइम्स के मुताबिक, एरविन ने अपना पारिवारिक कारोबार संभाला| आज ये अरबति हैं| लेकिन इनके बारे कुछ जानकारियां जो वेबसाइट पर उपलब्ध हैं, उनके मुताबिक एरविन ने एक समय बैंकरप्सी के लिए आवेदन किया था| erwinsinghbraich.com के मुताबिक 1 अक्टूबर 1999 में कुछ गुप्त कारणों की वजह से गलत ढंग से एरविन और उनके भाई बॉबी की तरफ से बैंकरप्सी के लिए आवेदन कर दिया गया था| वेबसाइट में यह बताया गया है कि इस घटना के 20 साल बाद अभी भी बराइच पर “अनडिस्चार्ज्ड बैंकरप्सी” स्टेटस है| पिछले 20 साल में “अनडिस्चार्ज्ड बैंकरप्सी” स्टेटस के साथ भी एरविन सिंह ने शानदार ग्लोबल पोर्टफोलियो तैयार किया है| क्या एरविन सिंह का “अनडिस्चार्ज्ड बैंकरप्सी” स्टेटस RBI को सोचने को विवश करेगा और क्या यह यस बैंक की मुश्किलें बढ़ा सकता है? यह आने वाले समय में ही पता चलेगा|

निवेशक क्या करें?

यस बैंक के फाउंडर राणा कपूर ने जब अपनी हिस्सेदारी बेची थी, तब से अब तक इसके शेयरों का मूल्य दोगुने से भी ज्यादा हो गए हैं| उस वक्त इसके शेयरों में निवेश और बिकवाली करने वालों को काफी प्रॉफिट हुआ था| लेकिन इस असमंजस की स्थति में निवेशकों को क्या करना चाहिए, यह एक बड़ा प्रश्न है| क्या इसके शेयरों के ट्रेड का मौका निकल गया है या अभी भी खरीदारी कर सकते हैं, यह प्रश्न सभी निवेशकों के मन में है| जिनके पास शेयर है वो क्या करें? शेयर को आगे के फायदे की उम्मीद में रखे या अभी जो कीमत प्राप्त हो रही है उसमें बेच दें?

CNBC TV 18 के अनुज सिंघल के मुताबिक, ‘जब तक यस बैंक के शेयर 100 रुपए तक नहीं पहुंच जाते इससे दूरी बनाना ही बेहतर है| ऐसा इसलिए क्योंकि 100 के पार जाने पर ही यह पक्का हो पाएगा कि यस बैंक मजबूत बना रहेगा| बैंक को कैपिटल की तुरंत जरूरत है|’

यस बैंक ने ऐलान किया था कि उसे 2 अरब डॉलर की फंडिंग मिल गई है| हालांकि निवेशकों के नाम सामने आने पर इस बात की उम्मीद बहुत कम है कि RBI उन्हें बड़े निवेश की इजाजत दे  और अगर ऐसा होता है तो आपको बड़ा नुकसान हो सकता है| इसलिए बेहतर यही होगा कि सुरक्षित निवेश करें|

यानी अभी से लेकर 10 दिसंबर तक फंड जुटाने की खबरें आती रहेंगी| अगर आप जुआ खेलना चाहते हैं तो खेल सकते हैं लेकिन नुकसान की जिम्मेदारी भी आपकी होगी| हालांकि अगर बैंक फंड जुटाने में कामयाब रहता है तो इससे फर्क नहीं पड़ेगा कि आपने शेयर 60 रुपए पर खरीदा या 80 रुपए पर| यस बैंक के शेयर का आज का मूल्य 59.2 रूपए है|

यस बैंक के वर्तमान परिस्थिति में यस बैंक के शेयरों में जोखिम और लाभ दोनों की संभावना 50:50 है| अब यह आप पर निर्भर करता है की आप किस साइड में रहना चाहते हैं|