Arthgyani
होम > बजट 2020 > सरकार ने किया स्पष्ट, मिडिल ईस्ट NRI से नहीं वसूला जाएगा कोई टैक्स!

सरकार ने किया स्पष्ट, मिडिल ईस्ट NRI से नहीं वसूला जाएगा कोई टैक्स!

सरकार ने साफ किया कि उसका मिडिल ईस्ट में काम करने के लिए गए भारतीय नागरिकों से टैक्स वसूलने का कोई इरादा नहीं है

वित्त वर्ष 2020-21 का बजट पेश करते हुए अपने अभिभाषण में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए NRI New Income Tax नियमों पर वित्त मंत्रालय ने सफाई दी है, और कहा कि सऊदी, दुबई, क़तर जैसे मिडिल ईस्ट देशों में काम करने वाले भारतीय नागरिकों से टैक्स वसूलने का सरकार का कोई इरादा नहीं है|

ख़बरों में जताई गई थी आशंका 

विदित हो कि बजट पूर्व बहुत से ख़बरों में यह खबर निकल कर आ रही थी कि अर्थव्यवस्था में धन के आगमन की मात्रा को बढाने के लिए सरकार सऊदी अरब, दुबई जैसे देशों में काम करने गए भारतीयों नागरिकों से आने वाले धन के ऊपर इनकम टैक्स वसूलने के लिए इस बार के बजट 2020 में नए प्रावधान ला सकती है|

जब नए फाइनेंस बिल 2020 में में NRI को लेकर कहा गया है कि भारतीय नागरिकों की दुनिया भर में हुई कमाई (ग्लोबल इनकम) पर भारत में टैक्स लगाया जाएगा, तो आशंका को और बल मिला मगर वित्त मंत्रालय के स्पष्टीकरण से ये बादल फिलहाल छंट गए हैं|

दुरूपयोग रोकने के लिए लाया गया क़ानून 

सरकार ने कहा है कि नए प्रावधान में उसका उद्देश्य ऐसे भारतीय नागरिकों को टैक्स के दायरे में लाने का नहीं है, जो वास्तव में काम करने के लिए विदेश गए हैं| सरकार ने यह पाया कि टैक्स से बचने के लिए कुछ भारतीय नागरिक कम या शून्य टैक्स कानूनों वाले देशों में रहने लगते हैं| ऐसे लोगों को देश की कर प्रणाली में खामियों का फायदा उठाने से रोकने के लिए सरकार ने NRI स्टेटस के प्रावधानों में बदलाव किया है|

समयसीमा में किया गया विस्तार 

ज्ञात हो कि फाइनेंस बिल 2020 में सरकार ने NRI का दर्जा पाने के लिए समय सीमा का विस्तार करके 245 दिन कर दिया है| मौजूदा व्यवस्था के मुताबिक अगर कोई भारतीय नागरिक भारत से 182 दिनों से ज्यादा दुनिया के किसी दूसरे देश में रहता है, तो उसे प्रवासी भारतीय (नॉन रेजिडेंट इंडियन) का दर्जा मिल जाता था|

जानकारी के लिए बता दें कि सऊदी अरब, दुबई, क़तर जैसे देशों में काम करने वाले भारतीयों की संख्या बहुत ही अधिक है और इनसे भारत में भारी मात्रा में धन का आगमन होता है और ये भारतीय अर्थव्यवस्था में भी अहम् योगदान देते हैं|

व्यापार या संपत्ति में निवेश से पर लगेगा टैक्स 

ज्ञात हो की आम बजट 2020 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने NRI यानी प्रवासी भारतीय नागरिकों (NRIs-Non-resident Indians) के लिए बनाए गए New Income Tax नियमों पर सफाई दी है| वित्त मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि किसी भारतीय को देश के बाहर हुई कमाई रकम पर कोई टैक्स नहीं चुकाना होगा| हालांकि इसमें यह शर्त जोड़ी गई है कि उस रकम से भारत में होने वाली (व्यापार या संपत्ति में निवेश से) किसी तरह की कमाई पर ही टैक्स लगेगा|

सरकार से और स्पष्टीकरण की उम्मीद 

सरकार ने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर कानून में इससे संबंधित और स्पष्टीकरण को भी जोड़ा जाएगा| ज्ञात हो कि NRI को लेकर फाइनेंस बिल 2020 में कहा गया है कि भारतीय नागरिकों की दुनिया भर में हुई कमाई (ग्लोबल इनकम) पर भारत में टैक्स लगाया जाएगा|

सरकार की सफाई से लोगों ने ली रहत की सांस 

वित्त मंत्रालय के स्पष्टीकरण को देख कर लगता है कि सरकार ने इनकम पर नहीं बल्कि उस इनकम के निवेश पर टैक्स लगाने के इरादे से यह NRI टैक्स प्रवधान लेकर आई है, जिसपर लोगों ने सम्पूर्ण इनकम को जोड़ कर देखा हो| हालांकि सरकार ने वैसे तो साफ़ कहा है कि, ‘ उसका मिडिल ईस्ट (सऊदी अरब, दुबई जैसे देश) में काम करने के लिए गए भारतीय नागरिकों से टैक्स वसूलने का कोई इरादा नहीं है| यह कहना गलत होगा कि उन नागरिकों पर वहां टैक्स नहीं लगता है, इसलिए भारत में उन्हें टैक्स देना होगा|’

सरकार के रवैये को देख कर लग रहा है कि फाइनेंस बिल 2020 में NRI वाला प्रावधान नियमों का दुरूपयोग रोकने के उद्देश्य से लाया गया है| मगर इसके वास्तविक पहलुओं का ज्ञान तो तभी होगा जब यह लागू होगा|