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कोरोना वायरस के असर का आकलन के लिये वित्त मंत्रालय की बैठक

व्यापार में कोरोना वायरस से उत्पन्न व्यवधान का आकलन हेतू वित्त मंत्रालय ने बुलाई बैठक।

चीन में फैले कोरोना वायरस का कहर आज दुनिया भर में तेज़ी से फ़ैल गया है। कोरोना वायरस के चलते बहुत से उद्योग धंधों पर असर पड़ा है। बाजारों में सुस्ती छा गई है। भारतीय बाज़ार में भी कोरोना वायरस से काफी असर पड़ा है। कोरोना वायरस के चलते भारत में कई उद्योगों के लिए सप्लाई संकट छा गयी है जिससे आने वाले दिनों में बड़े पैमाने पर बेरोजगारी की आशंका भी जताई जा रही है।

इसी के मद्देनज़र वित्त मंत्रालय ने देश के व्यापार और मेक इन इंडिया मुहिम पर कोरोना वायरस के असर का आकलन करने के लिये बैठक बुलायी है। मंगलवार को होने वाले इस बैठक में कोरोना वायरस के असर व इसके कारण हुए व्यवधान पर  विचार विमर्श और सुझाव हेतू संबंधित पक्षों को आमंत्रित किया गया है।

मुख्य बिंदु  

  • व्यापार में कोरोना वायरस से उत्पन्न व्यवधान का आकलन हेतू वित्त मंत्रालय ने बुलाई बैठक।
  • मेक इन इंडिया और देश के आयात-निर्यात पर पड़े असर का आकलन किया जायेगा।
  • मंगलवार को होने जा रही इस बैठक में संबंधित पक्षों को बुलाया गया है।
  • वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ट्वीट करके भी इस बैठक की जानकारी दी है।
  • वित्त मंत्री ने कहा अपने सुझाव fmo@nic.in पर भी ईमेल कर सकते हैं।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ट्वीट किया है, ‘‘वित्त मंत्रालय कोरोना वायरस के संक्रमण से हुए असर, मेक इन इंडिया मुहिम में आये व्यवधान तथा देश के आयात-निर्यात पर पड़े असर का आकलन करने के लिये 18 फरवरी यानी मंगलवार को एक बैठक बुलायी है। संबंधित पक्षों का स्वागत है। उन्होंने अपने ट्विट में ये भी लिखा है कि यदि आप बैठक में नहीं आ सकते हैं तो अपने सुझाव fmo@nic.in पर ईमेल करें।’’

गौरतलब है कि भारत चीन के प्रमुख व्यापार भागीदारों में से एक है और चीन के साथ भारत का वृहद व्यापार घाटा है। अब कोरोना वायरस का प्रभाव भारत के निर्यात पर पड़ते नजर आ रहे हैं। इसका प्रभाव कॉटन, कस्टर्ड आयल, मूंगफली एवं अन्य पारम्परिक कृषि उत्पादों के निर्यात पर भी पड़ेगा।