Arthgyani
होम > व्यक्तिगत निवेश > भविष्य निधि / प्रोविडेंट फण्ड क्या है ? और इसके प्रकार

भविष्य निधि / प्रोविडेंट फण्ड क्या है ? और इसके प्रकार

भविष्य निधि / प्रोविडेंट फण्ड क्या है ? Provident Fund और इसके प्रका

भविष्य निधि / प्रोविडेंट फण्ड सुनते ही पहला ख्याल आता है ‘पैसो का वो गुच्छा जिसका हम इस्तेमाल नहीं कर सकते’ । क्यों हम अपने ही कमाए हुए पैसों का इस्तेमाल नहीं कर पाते ? आइये समझते हैं कि भविष्य निधि / प्रोविडेंट फण्ड है क्या ? और कहाँ जाती है इसकी धनराशि । भविष्य निधि / प्रोविडेंट फण्ड, नौकरीपेशा या महीने में तनख्वा पाने वाले लोगो के लिए बनायी गयी एक लाभदायक योजना है, आप इसे नौकरीपेशा लोगो का रिटायरमेंट प्लान भी कह सकते हैं। यह योजना , EPFO (Employees Provident Fund Organisation of India) द्वारा चलाया जाता है। जिस कंपनी में २० से अधिक कर्मचारी काम करते हो, उस कंपनी को EPFO में अपना पंजीकरण करना आवशयक होता है, इस खाते में जमा हुए पैसे, रिटायरमेंट के समय या नौकरी न होने पर उपयोग में लाया जा सकता है।

महीने की आय से प्रॉविडेंट (Provident Fund) की कटौती:-

जब आप एक कंपनी में काम करना शुरू करते है तो आप और आपकी कंपनी दोनों को आपकी मासिक आय का १२% EPF खाता में डालना होता है। आपके हिस्से का १२% EPF खाता में सीधे जमा हो जाता है , लेकिन कंपनी के १२% में से ३.६७% EPF और बाकी ८.३३% EPS(Employee Pension Scheme) में जाता है। यानि, अगर आपका मासिक आय ५०,००० है तो उसके १२% के हिसाब से आपके ६,००० रूपए सीधे आपके EPF खाते में जाएंगे और कंपनी की तरफ से १८३५( ३.६७ % ) EPF में और बाकी ४१६५ रुपए (८. ३३ %) EPS (एम्प्लायर पेंशन स्कीम) में जाएगें।
यदि आपकी बेसिक तनख्वाह ६,५०० से अधिक है तो आपकी कंपनी द्वारा अधिक से अधिक ६,५०० का ८.३३ % ही यानि ५४१ रुपये ही EPS में जमा किए जाएंगे और बाकी पैसा EPF में चला जाएगा।
आपकी जानकारी के लिए बता दे की EPF पर आपको वार्षिक ब्याज मिलता है, जिसका दर सरकार और सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ ट्रस्टी तय करती है।
वर्तमान समय में ये दर ८. ७५ है।

भविष्य निधि / प्रोविडेंट फण्ड (Provident Fund) के कई प्रकार है, इसका विभाजन काम करने के अलग अलग संगठनो को ध्यान में रख कर किया गया है । भविष्य निधि / प्रोविडेंट फण्ड (Provident Fund) की राशि पाने और उससे जुड़े अन्य नियम, आप कहाँ काम करते है, उसपे निर्भर करता है।

ये है भविष्य निधि / प्रोविडेंट फण्ड (Provident Fund) के कुछ प्रकार:-

वैधानिक प्रोविडेंट फण्ड (Statutory Provident Fund )

वैधानिक प्रोविडेंट फण्ड सरकारी संसथान, विश्वविद्यालय पर लागू होता है। इन्हे सरकारी भविष्य निधि भी कहा जाता है। वो कर्मचारी जो ऐसे संसथान में काम करते है, वह वैधानिक प्रॉविडेंट फण्ड लेने के योग्य होते हैं।

मान्यताप्राप्त प्रोविडेंट फण्ड (Recognized Provident Fund )

इस तरह के प्रोविडेंट फण्ड उन संस्थाओ के अंतर्गत आता है जहाँ २० या २० से अधिक कर्मचारी काम करते हो, जाहिर है अधिकतम कर्मचारी मान्यताप्राप्त प्रोविडेंट फण्ड के अंदर ही आते हैं। सारे मान्यताप्राप्त प्रोविडेण्ट फण्ड योजना को आय कर अधिकारी द्वारा मंज़ूरी मिलना अनिवार्य है।

अमान्यताप्राप्त (Unrecognized Provident Fund)

अमान्यताप्राप्त प्रोविडेंट फण्ड को आय कर अधिकारी द्वारा मान्यता प्राप्त नही होती। इसके अंतर्गत नियोक्ता और कर्मचारी दोनों मिल के इसकी शुरुआत करते हैं। RPFs की तुलना में इनका कर उपचार अलग हो सकता है।

सार्वजनिक प्रोविडेंट फण्ड ( Public Provident Fund)

इसके अंतर्गत कर्मचारी को ये छूट है कि वह किसी पोस्ट ऑफिस या बैंक जैसे: ICICI, SBI में खता खोल के सालाना ७०,००० तक का योगदान दे सकता है। यह योजना उन लोगो के लिए एक बेहतरीन रिटायरमेंट योजना साधन है, जो किसी पेंशन योजना के तहत नहीं आते। सार्वजनिक प्रोविडेन्ट फण्ड अनुभाग ८० C के तहत कर लाभ प्रदान करता है और कमाए हुए ब्याज में भी कर की छूट मिलती है। इस योजना की अवधी १५ साल तक की है। यह सरकार द्वारा निर्धारित सबसे लोकप्रिय योजना है।

भविष्य निधि / प्रोविडेंट फण्ड (Provident Fund) एक लम्बी अवधी का निवेश है , जिसमे हर तरह के लोग अपनी राशि जमा करते है और, क्योंकि ये सरकार की तरफ से दी जाने वाली सेवा है इसलिए इसमें कोई जोखिम भी नहीं होता।